Argentina vs Egypt: जीत, जज्बा और आंसू ... फिर चला ‘Messi Magic’, जीतने के बाद भी फूट-फूटकर रोए अर्जेनटीना कप्तान

विश्व कप नॉकआउट मुकाबले में लियोनेल मेस्सी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना की वापसी कराई. इस जीत के बाद टीम के दिग्गज लियोनेल मेस्सी काफी भावुक नजरह आए.

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Meenu Singh

लियोनेल मेस्सी फुटबॉल के कितने बड़े खिलाड़ी हैं वो एक बार फिर से कल के मैच में साबित हो गया है. उन्होंने अर्जेंटीना को विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में शानदार जीत दिलाई. मेस्सी की इस जीत ने उनकी जुझारू मानसिकता का परिचय दिया. टीम एक समय दो गोल से पीछे चल रही थी और हार करीब दिखाई दे रही थी.

ऐसे मुश्किल समय में कप्तान लियोनेल मेस्सी ने जिम्मेदारी संभाली और अपने अनुभव से मैच का रुख बदल दिया. अर्जेनटीना की जीत के बाद मेस्सी बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए. अब मैच जीतने के बाद सोशल मीडिया पर मेस्सी का वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है.  

भावुक हुए लियोनेल मेस्सी

मिस्त्र के खिलाफ अर्जेनटीना के मैच जीतने के बाद मैदान पर माहौल काफी भावुक हो गया. अंतिम सीटी बजने के बाद मेस्सी अपने इमोशन्स पर काबू नहीं रख सके. टेलीविजन कैमरों ने मेस्सी को आंसू पोंछते हुए कैद किया, उनके चेहरे पर राहत और अपार भावनाओं के भाव साफ झलक रहे थे, जबकि उनके साथी खिलाड़ी और फैंस उनके चारों ओर जश्न मना रहे थे.


हार के मुहाने से की शानदार वापसी

मुकाबले की बात करें तो 79वें मिनट तक अर्जेंटीना मुश्किल स्थिति में थी. टीम दो गोल से पीछे थी और वापसी की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही थी. इसी दौरान मेस्सी ने कमान संभाली. उन्होंने पहले एक शानदार असिस्ट देकर टीम की उम्मीदें जगाईं और फिर खुद गोल कर स्कोर बराबर कर दिया. इससे अर्जेंटीना का आत्मविश्वास पूरी तरह लौट आया.

स्टॉपेज टाइम में मिला जीत का तोहफा

बराबरी के बाद मुकाबला पूरी तरह खुल गया. दोनों टीमें निर्णायक गोल की तलाश में थीं. स्टॉपेज टाइम में एन्ज़ो फर्नांडीज ने शानदार गोल दागकर अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी. अंतिम सीटी बजते ही खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच जश्न शुरू हो गया. यह जीत विश्व कप के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल हो गई.

पेनल्टी चूकने के बाद बदली कहानी

मैच की शुरुआत में मेस्सी एक पेनल्टी को गोल में नहीं बदल सके थे, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था. हालांकि उन्होंने उस निराशा को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया. एक असिस्ट और बराबरी के गोल के साथ उन्होंने अपनी टीम को संकट से बाहर निकाला और साबित किया कि बड़े खिलाड़ी मुश्किल समय में ही अपनी पहचान बनाते हैं.