नई दिल्ली: टी20 विश्व कप को शुरु होने में अब चंद दिन ही शेष रह गए है. लेकिन उससे पहले ही विश्व कप को लेकर कई विवाद सामने आ गए हैं. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट शुरु होने से पहले ही इसका सुरक्षा कारणों से इसका बहिष्कार कर दिया है. लेकिन बांग्लादेश का टूर्नामेंट से हटना किसी और के लिए बल्कि बांग्लादेश के लिए नुकसानदायक है.
हालांकि बांग्लादेस बोर्ड टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहती थी लेकिन सरकार के कारण उन्हें बहिष्कार का फैसला मानना पड़ा. अब बांग्लादेश के इस फैसले पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी अपनी राय रखी है. उन्होंने इसे बांग्लादेश का ही नुकसान बताया है.
दरअसल भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन ने बांग्लादेश के टूर्नामेंट के बाहर होने को उनकी गलती बताई है साथ ही इसे उनके लिए ही नुकसानदायक बताया है. उन्होंने कहा कि भारत की पिचें बांग्लादेश के लिए अच्छी थी, इन पिचों पर उनके पास अच्छा प्रदर्शन करने का बेहतर मौका था. अगर टी-20 विश्व कप इंग्लैंड या आस्ट्रेलिया में होता, तो उनके जीत की संभावना कम शून्य के बराबर होती लेकिन यहां वे आगे तक पहुंच सकते थे. हालांकि बांग्लादेश ने अपनी जिद्द में गंवा दिया. इस स्थिति में नुकसान केवल और केवल बांग्लादेश का है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि वह 2026 टी20 विश्व कप के लिए भारत न जाने के अपने राष्ट्रीय सरकार के रुख से सहमत नहीं था. शनिवार को, आईसीसी ने इस बात की पुष्टि की कि टूर्नामनेंट में बांग्लादेश हिस्सा नहीं लेगा उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में जगह दी गई है. बता दें बांग्लादेश सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने ग्रुप मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने पर अड़े थे.
BCB सरकार के फैसले से नहीं थी सहमत
अब इस फैसले के बाद कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड सरकार के इस फैसले से बिलकुल भी सहमत नहीं थी. रविवार को बीसीबी के निदेशक अब्दुर रज्जाक ने कथित तौर पर दावा किया कि भारत में न खेलना बांग्लादेश सरकार का फैसला है और उन्हें इसका पालन करना होगा.
कुछ प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों के अनुसार, रज्जाक ने कहा, 'हमने हमेशा कहा है कि हम खेलना चाहते हैं, लेकिन यह सरकार का फैसला है. इसलिए, सरकार जो भी कहे, हमें उसका पालन करना होगा और सरकार का यह फैसला सिर्फ इस बार के लिए नहीं है; जब भी हमारा कोई दौरा होगा, हमें पहले से सरकार से अनुमति लेनी होगी.'
आईसीसी ने बीसीबी को आश्वासन दिया था कि उचित सुरक्षा उपाय किए गए हैं और बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रशंसकों को कोई विश्वसनीय खतरा नहीं है. कई बैठकों के बावजूद गतिरोध जारी रहा और अंततः बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया.
बीसीबी मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने कहा कि, 'हमने आईसीसी से अपने मैच श्रीलंका में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था. हमारी उनसे कई बैठकें हुईं.
उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद, एक ज़ूम मीटिंग भी हुई और आईसीसी बोर्ड ने हमें सूचित किया कि वे हमारे मैच स्थानांतरित नहीं करेंगे और हमें मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही खेलना होगा.'