नई दिल्ली: बांग्लादेश क्रिकेट एक बार फिर बड़े विवाद के भंवर में फंसा नजर आ रहा है. 2026 टी20 विश्व कप से हटने के बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के फैसले ने न सिर्फ क्रिकेट जगत को हैरान किया है, बल्कि टीम के भीतर भी असंतोष को जन्म दे दिया है. इस पर खिलाड़ी सवाल खड़े कर रहे हैं. अब बोर्ड के इस फैसले के बाद कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि कल बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच हुई बैठक में खिलाड़ियों की राय नहीं ली गई. वह महज एक औपचारिक बैठक थी और क्या यह बड़ा फैसला पहले ही बंद कमरों में तय कर लिया गया था. इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश क्रिकेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 22 जनवरी को खिलाड़ियों के साथ एक बैठक आयोजित की, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर यह ऐलान किया गया कि बांग्लादेश 2026 टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लेगा. यह टूर्नामेंट भारत में आयोजित होना है. बीसीबी ने अपने फैसले के पीछे सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) उनकी चिंताओं का संतोषजनक समाधान नहीं कर पाई. हालांकि, इस घोषणा के बाद जो जानकारियां सामने आई हैं, उन्होंने इस पूरे फैसले की पारदर्शिता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
गुप्त सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ियों के साथ की गई बैठक महज एक दिखावा थी. दावा किया गया है कि बोर्ड पहले ही भारत न जाने का फैसला कर चुका था और खिलाड़ियों को केवल इसकी सूचना देने के लिए बुलाया गया था. यानी, खिलाड़ियों की राय जानने या उनसे सहमति लेने का कोई वास्तविक प्रयास नहीं किया गया.
बैठक में शामिल एक क्रिकेटर ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि बीसीबी ने खिलाड़ियों की बात सुनने में कोई रुचि नहीं दिखाई. उनके मुताबिक, इससे पहले ऐसे अहम फैसले लेने से पहले खिलाड़ियों से चर्चा की जाती थी, लेकिन इस बार बोर्ड का रुख पूरी तरह अलग था.
खिलाड़ी का कहना है कि टीम को पहले ही बता दिया गया था कि भारत दौरे पर जाना संभव नहीं है और बैठक सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए रखी गई थी.
खिलाड़ी ने आगे यह भी कहा कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट के लिए नुकसानदायक. उनका मानना है कि अगर टीम ऐसे बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेती है, तो इसका सीधा असर खिलाड़ियों के करियर और देश के क्रिकेट भविष्य पर पड़ेगा. अंतरराष्ट्रीय मंच से दूरी बनाना युवा खिलाड़ियों के लिए मौके कम कर सकता है. इससे साथ ही खिलाड़ी ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि, 'बांग्लादेश में क्रिकेट खत्म हो चुका है. अगर हम नहीं जाते हैं, तो यह हमारे क्रिकेट का नुकसान होगा. लेकिन इसकी किसे परवाह है?'
खिलाड़ी ने यह भी साफ कहा कि इस फैसले से भारत को नहीं, बल्कि बांग्लादेश को ही सबसे ज्यादा नुकसान होगा. क्योंकि इस टूर्नामेंट से बांग्लादेश को बहुत फायदा होने वाला था. साथ ही इस घटना के बाद अब शायद भी भारत बांग्लादेश के साथ कोई द्विपक्षीय सीरीज सीरीज खेले.