गुरुवार की सुबह भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी सदमें से कम नहीं रहा है, क्योंकि 30 जुलाई की सुबह भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया. शांत स्वभाव, मजबूत तकनीक और मुश्किल हालात में शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने भारत के लिए एक दशक से ज्यादा समय तक योगदान दिया. उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में मिलाकर कुल 8,000 से ज्यादा रन बनाए और कई यादगार मुकाबलों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई. उनका इस तरह से संन्यास लेना भारतीय फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है.
गुरुवार की सुबग अजिंक्या रहाणे ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया. उस पोस्ट के जरिए उन्होंने फैंस को अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी. उन्होंने पोस्ट में कहा कि कैप नंबर 278 की ओर से विदाई... इतने सालों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद. मैं हमेशा आभारी रहूंगा.' वीडियो में वह काफी इमोशनल नजर आए.
अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टीम के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले. टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान सबसे खास रहा, जहां उन्होंने विदेशी दौरों पर कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं. बल्लेबाजी के साथ-साथ स्लिप फील्डिंग में उनकी शानदार पकड़ ने उन्हें टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनाया. साल 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर उन्होंने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मुकाबला खेला था.
रहाणे के करियर का सबसे बड़ा पल 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान आया. विराट कोहली की गैरमौजूदगी में कप्तानी संभालते हुए उन्होंने मेलबर्न टेस्ट में शतक लगाया और भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक 2-1 सीरीज जीत दिलाई. चोटिल खिलाड़ियों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रहाणे ने अपने शांत नेतृत्व से टीम को मजबूती दी.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बाद भी रहाणे टी20 क्रिकेट में सक्रिय रहे. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में हिस्सा लिया और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए कप्तानी भी की. हालांकि टीम उनके नेतृत्व में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी. घरेलू क्रिकेट में वे मुंबई टीम के लिए लगातार खेलते रहे और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने रहे.