कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है. बुधवार को भी भारतीय खिलाड़ियों ने जीत की लय बरकरार रखते हुए कई अहम मुकाबले अपने नाम किए. सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ भारत के लिए पदकों की संख्या और बढ़ गई, जिससे देश की पदक उम्मीदों को नई मजबूती मिली.
महिला 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को कड़े मुकाबले में 3-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया. तीनों राउंड में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अरुंधति ने दबाव में शानदार संयम दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम किया.
वहीं पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में युवा विश्व चैंपियन सचिन सिवाच ने बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से शिकस्त दी. सचिन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और विरोधी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया. दोनों मुक्केबाजों ने कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है.
भारतीय दल की सफलता यहीं नहीं रुकी. पुरुष 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश ने क्वार्टर फाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा. उन्होंने तीनों राउंड सर्वसम्मति से 5-0 के अंतर से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. इसके बाद एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता नरेंद्र बर्वाल ने पुरुष 90+ किलोग्राम वर्ग में समोआ के माइकल सेको को 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर पदक पक्का किया. इन जीतों के साथ भारत की बॉक्सिंग टीम का आत्मविश्वास और ऊंचा हो गया.
दिन की शुरुआत भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी की शानदार जीत से हुई. उन्होंने महिला 51 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. साक्षी ने पूरे मुकाबले में बेहतरीन तकनीक और आक्रामकता का प्रदर्शन किया. उनकी जीत ने भारतीय दल के लिए दिन की सकारात्मक शुरुआत की, जिसके बाद अन्य मुक्केबाजों ने भी लगातार जीत दर्ज कर देश का नाम रोशन किया.
अरुंधति, सचिन, अंकुश और नरेंद्र बर्वाल की जीत के बाद भारत ने बॉक्सिंग में कम से कम नौ पदक पक्के कर लिए हैं. इससे पहले लवलीना बोरगोहेन, प्रीति पवार, प्रिया घंघास और जदुमणि सिंह भी सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक सुनिश्चित कर चुके थे. भारतीय मुक्केबाजों का यह प्रदर्शन बताता है कि इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग भारत के सबसे मजबूत खेलों में से एक बनकर उभरा है. अब सभी खिलाड़ियों की नजर फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक जीतने पर होगी.