फुटबॉल के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप में आज से महामुकाबलों का दौर शुरू होगा. आज रात एक ऐसा मुकाबला होने जा रहा है, जो सिर्फ खेल नहीं बल्कि भावनाओं का महासंग्राम बन चुका है. न्यू जर्सी के मैदान पर जब फ्रांस और सेनेगल की टीमें आमने-सामने होंगी, तो मैदान पर खेल से ज्यादा खिलाड़ियों के दिलों में छिपी कहानियां सुर्खियां बटोरेंगी. इस मैच में फुटबॉल जगत का एक अनोखा और हैरान करने वाला रिकॉर्ड सामने आ रहा है. इसने सोशल मीडिया से लेकर पूरी दुनिया के हर कोने में हलचल मचा दी है.
इस बार के वर्ल्ड कप में एक बहुत ही दिलचस्प और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है. पूरे टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों में से 98 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनका जन्म फ्रांस में हुआ है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 76 खिलाड़ी इस बार फ्रांस की मुख्य टीम से नहीं, दुनिया के अलग-अलग देशों की टीमों से खेल रहे हैं. फुटबॉल के इतिहास में ऐसा पहली बार देखा जा रहा है जब किसी एक देश में पैदा हुए इतने सारे खिलाड़ी दूसरी टीमों का झंडा थामकर विश्व कप जीतने का सपना देख रहे हैं. यही वजह है कि इस बार के ग्रुप-I को 'ग्रुप ऑफ डेथ' बोला जा रहा है.
आज रात होने वाले इस महामुकाबले का सबसे बड़ा सस्पेंस और रोमांच सेनेगल की टीम में छिपा हुआ है. सेनेगल की जो टीम आज रात फ्रांस के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, उसके 10 स्टार खिलाड़ी फ्रांस में ही पैदा हुए हैं और वहीं के माहौल में पले-बढ़े हैं. इन खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला बेहद भावुक करने वाला है. इन्हें उस मिट्टी और उस देश के खिलाफ गोल करना है जहां इन्होंने फुटबॉल का ककहरा सीखा है. यह मुकाबला एक तरह से अपने ही खून के रिश्ते और अपनी जन्मभूमि के खिलाफ मैदान पर उतरने जैसा है. डकार से लेकर पेरिस तक इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि ये खिलाड़ी अपनी जन्मभूमि के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करते हैं.
फुटबॉल फैंस के लिए यह मैच किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं होने वाला है. एक तरफ फ्रांस की टीम पर स्पेन की हार के बाद खुद को साबित करने का भारी दबाव है, तो दूसरी तरफ सेनेगल के इन 10 खिलाड़ियों के सामने अपनी मातृभूमि के खिलाफ पेशेवर रवैया दिखाने की बहुत बड़ी चुनौती है. जब ये खिलाड़ी राष्ट्रगान के लिए मैदान पर खड़े होंगे, तो उनके दिलों में एक अलग ही जंग चल रही होगी. वहीं अफ्रीका के देश फ्रांस को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते. इतिहास के पन्नों में फ्रांस और अफ्रीका एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हुए हैं. यह मैच 3 प्वाइंट नहीं बल्कि एक जंग के मैदान की तरह होगी जहां दो देश मैदान पर अपने देश की नाक बचाने के लिए उतरेंगे. अफ्रीकी देशों के लोगों का साफ कहना है कि फ्रांस उनके सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को अपना बना लेता है. वहीं फ्रांस का कहना है कि वो इन खिलाड़ियों को फुटबॉल सिखाता है और उनको स्टार बनाता है.