भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जैसी प्रतिष्ठित और रसूखदार नौकरी को छोड़कर कॉर्पोरेट की राह चुनना हर किसी के बस की बात नहीं होती. लेकिन ओडिशा कैडर के 2013 बैच के जांबाज आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीना ने कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला फैसला लिया है. वर्तमान में भुवनेश्वर के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के पद पर तैनात 37 वर्षीय मीना ने अपनी सेवा से इस्तीफा दे दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है.
जगमोहन मीना ने स्पष्ट किया है कि उनका यह कदम किसी राजनीतिक या बाहरी दबाव का परिणाम नहीं है. उन्होंने करीब एक महीने पहले ही अपना इस्तीफा सरकार को सौंप दिया था. इस बड़े फैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ लंबी रणनीतिक सोच-विचार के बाद लिया है. उन्होंने जनता से अपनी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की है और ओडिशा सरकार व वहां की जनता का आभार जताया है.
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले जगमोहन मीना का करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है. सिविल सर्विसेज में आने से पहले उन्होंने देश के शीर्ष संस्थान IIT कानपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की डिग्रियां हासिल की थीं. अपनी 13 साल की सर्विस के दौरान वे मल्कानगिरी, गंजम और अंगुल जैसे जिलों के एसपी रहे. साल 2019 में मल्कानगिरी में नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी बहादुरी के लिए उन्हें 'पुलिस मेडल फॉर गैलंट्री' से नवाजा गया था. इसके अलावा उन्हें 'गवर्नर्स मेडल' भी मिल चुका है.
भविष्य की योजनाओं को लेकर मीना ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा मंजूर होने के बाद वे कॉर्पोरेट सेक्टर (प्राइवेट सेक्टर) में जा सकते हैं या अपने पारिवारिक बिजनेस को संभाल सकते हैं.