Yoga For Working Women: आज की बीजी दुनिया में, महिलाएं अक्सर अपने करियर के साथ-साथ खुद का देखभाल को महत्व देने के लिए संघर्ष करती हैं. योग को अपनी डेली रूटीन में शामिल करने से तनाव में कमी और शांत दिमाग रखने के साथ कई और फायदे भी मिलते हैं. बाहर काम करने वाली कई महिलाओं में गर्दन और पीठ में दर्द, साथ ही आंखों में तकलीफ और माइग्रेन जैसी शारीरिक समस्याओं का सामना करती रहती हैं.
वहीं, Working महिलाएं अपने बिजी शेड्यूल के वजह से रेस्पिरेटरी हेल्थ का ख्याल नहीं रखती हैं. इसके साथ ब्रेस्ट कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारी पर भी नजर नहीं रखती हैं. इन गंभीर बीमारी और हेल्दी रहने के लिए कुछ योग को अपने रोजाना रूटीन में अपना सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ आसान योग के बारे में.
कामकाजी महिलाओं को रीढ़ में दर्द होना बेहद आम बात हैं. पूरे दिन ऑफिस में काम करने के बाद घर के काम करने से शरीर दर्द करने लग जाता है. ऐसे में आप रोजाना ताड़ासन योग कर सकते हैं.
मार्जरीआसन को कैट पोज भी कहते हैं. यह उन योगासन में से एक है जो पीरियड्स के दर्द से पीड़ित होने के लिए फायदेमंद होता है. यह योग न केवल रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करती है बल्कि बाहों, कंधों और कलाइयों को मजबूत बनाती है और पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद करती है.
यह योगासन सीने में दर्द और तनाव दूर करने में मदद करता है और बेहतर नींद को बढ़ावा देती है. पीठ और रीढ़ की हड्डी को आराम देने से कंधे और हाथों पर तनाव कम होता है. यह योग मन को शांत करने और तनाव दूर करने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
नावासन को बोट पोज भी कहा जाता है. यह रीढ़ की हड्डी को लचीला और हिप्स के हिस्से को फ्लेक्सिबल बनाता है. अगर आप यह योग करते हैं तो स्ट्रेस दूर होने के साथ-साथ पाचन और बॉडी बैलेंस रहती है.
वृक्षासन सेंट्रल नर्वस सिस्टम को शांत और आराम देने में मदद करता है. यह न्यूरोमस्कुलर कोऑर्डिनेशन और सहनशक्ति में सुधार करता है. यह आपके पैरों को टोन करता है. यह शरीर के बैलेंस को बढ़ावा देता है, इस प्रकार शरीर और मेंटल बैलेंस संतुलन में मदद भी मिलती है.
Disclaimer : यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.