एक तरफ NEET परीक्षा फिर से कराने की मांग हो रही है. बिहार में पेपर लीक केस के आरोपी पकड़े जा रहे हैं लेकिन पेपर रद्द नहीं हो रहा है. दूसरी तरफ UGC-NET परीक्षा को लेकर न तो कहीं कोई हंगामा हुआ और ना ही कोई आरोप लगे लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया है. अब शिक्षा मंत्रालय ने ऐसा करने की वजह भी बताई है. शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के हित का हवाला देते हुए कहा है कि दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और उसके लिए जल्द ही नई तारीख जारी की जाएगी. इस परीक्षा में गड़बड़ी की जांच भी अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है. यह परीक्षा इसी महीने की 18 तारीख यानी 18 जून को कराई गई थी. अब यह परीक्षा दोबारा कराई जाएगी.
इस मामले में शिक्षा मंत्रालय से जॉइंट सेक्रेटरी गोविंद जायसवाल ने बताया, '18 जून को हुई UGC-NET परीक्षा में 9 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. यह परीक्षा NTA ने कराई थी. 19 जून को यूजीसी को गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम सेंटर से कुछ इनपुट मिले. उस इनपुट के आधार पर मंत्रालय को लगा कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई है. ऐसे में मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई की और छात्रों के हितों का ध्यान में रखते हुए इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. परीक्षा की नई तारीख का ऐलान जल्द ही किया जाएगा. यह मामला अब सीबीआई को सौंप दिया गया है.'
#WATCH | Delhi: Ministry of Education Joint Secretary Govind Jaiswal says, "9 lakh students had participated in the UGC-NET exam that the NTA conducted on June 18... The ministry saw that there was a chance that the examination had been compromised. The ministry has decided to… pic.twitter.com/kVXTQKAq6G
— ANI (@ANI) June 20, 2024Also Read
यह परीक्षा इस बार देशभर के 317 शहरों के 1200 से ज्यादा केंद्रों पर करवाई गई थी. इस बार एक बदलाव यह हुआ था कि यह परीक्षा ऑनलाइन नहीं हुई थी और इसे ऑफलाइन करवाया गया था. बताते चलें कि यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोसिप, पीएचडी एडमिशन और असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती योग्यता परीक्षा के तौर पर कराई जाती है. बता दें कि प्रतिष्ठित परीक्षाओं जैसे कि NEET और यूजीसी-नेट में गड़बड़ियों की वजह से NTA पर भी जमकर सवाल उठ रहे हैं. वहीं, एनटीए लगातार अपना बचाव कर रही है.
लगातार परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.