NEET UG Exam 2024. सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, इस परीक्षा पर घासामान मचा हुआ है. छात्र, कोचिंग संस्थान, समाजसेवी संगठन और विपक्ष सड़क पर है. सबकी एक ही मांग है कि NEET एग्जाम में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की मार्किंग और कार्यप्रणाली संदिग्ध है, पेपर लीक हुआ है इसे रद्द कर दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने न तो नीट परीक्षा की काउंसलिंग पर स्टे लगाया है, न ही इसे रद्द करने को लेकर कोई आदेश दिया है. NTA भी सिर्फ दलीलें पेश कर रहा है कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. इसके ठीक उलट, एनटीए ने 18 जून को हुई UGC NET परीक्षा को रद्द कर दिया है. आखिर NEET और NET में इतना भेदभाव क्यों है.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बुधवार को ऐलान किया कि 18 जून को हुई NET परीक्षा रद्द की जा रही है. वजह नहीं बताई गई. गृहमंत्रालय की ओर से इनपुट मिले थे कि एग्जाम में कुछ धांधली हो रही है, एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी. इस केस की छानबीन अब CBI करने वाली है. आखिर एक मामले में इतनी तेजी, दूसरे में इतनी सुस्ती, वजह क्या है, आइए समझते हैं.
UGC NET की परीक्षा में 9,08,580 छात्रों ने हिस्सा लिया था. 83 विषयों के पीजी कैंडिडेट्स इस परीक्षा में उतरे थे. परीक्षा एक दिन में दो पालियों में हुई थी. देश के 317 शहरों में 1205 केंद्रों में नेट की परीक्षा आयोजित कराई गई थी. इस परीक्षा को पास होने वाले छात्र NET JRF में एडमिशन पाते हैं, असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के योग्य बनते हैं. इस परीक्षा में धांधली से पहले ही एनटीए चौकन्ना हो गई और परीक्षा रद्द कर दी.
NEET एग्जाम में सरकार भी मान रही है कि धांधली हुई है. खुद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि कुछ कमिया हैं, जिन्हें ठीक करने की जरूरत है. सुप्रीम कोर्ट कहता है कि अगर एक भी प्रतिशत धांधली हुई है तो यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है. नीट ने ग्रेस मार्किंग रद्द की, एडिशनल नंबर रद्द किए, फिर से 1563 छात्रों को रि टेस्ट की तारीख दी लेकिन परीक्षा नहीं रद्द की. इतने बवाल के बाद भी NET रद्द हुआ, NEET नहीं.
छात्र आंदोलन कर रहे हैं, विपक्ष आंदोलन कर रहा है लेकिन सरकार नीट परीक्षा कैंसिल नहीं कर रही है. NEET UG परीक्षा में 23 लाख 30 हजार छात्र शामिल थे. परीक्षा 5 मई को हुई थी. 4 जून को नतीजे भी आ गए. 67 छात्रों ने पूर्णांक हासिल किया. 720 नंबर. यह ऐतिहासिक और अप्रत्याशित था. 7 छात्र, एक ही सेंटर थे. ग्रेस मार्क सवालों के घेरे में था. एनटीए सवालों के घेरे में है फिर भी परीक्षा रद्द नहीं हो रही है.
आमतौर पर जैसे ही पेपर लीक की खबरें सामने आती हैं, परीक्षा रद्द कर दी जाती है. यूपी पुलिस की भर्ती में लीक की बात आई, लाखों छात्रों के परीक्षा देने के बाद भी रद्द कर दिया गया. नेट में खबर ही नहीं आई, सिर्फ इनपुट पर ही परीक्षा रद्द कर दी गई. आखिर नीट परीक्षा रद्द करने से क्यों सरकार बच रही है, यह समझ से परे है.
शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने कहा है, '9 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था. यूजीसी नेट परीक्षा 18 जून को हुई थी. मंत्रालय को लगा कि इस परीक्षा में धांधली हुई है. मंत्रालय ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया. अगली तारीख जल्द ही बताई जाएगी. यह मामला सीबीआई को भेज दिया गया है. सच्चाई ये है कि NEET के इतने गुनहगार सामने आ गए हैं फिर भी सरकार इस परीक्षा को क्यों नहीं रद्द कर रही है, यह समझ से परे है.