Gen Z के युवाओं में यौन गतिविधियों में कमी को लेकर चर्चा तेज है. एडल्ट एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी 37 वर्षीय एलिक्स लिंक्स का कहना है कि इसके पीछे पोर्न से ज्यादा सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स की भूमिका हो सकती है. उन्होंने यह बात किन्से इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन के संदर्भ में कही, जिसमें युवा वयस्कों के बीच यौन गतिविधियों के कम स्तर की बात सामने आई थी. हालांकि, यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी युवाओं की स्थिति एक जैसी है.
एलिक्स लिंक्स के मुताबिक, पोर्न लंबे समय से मौजूद है, लेकिन सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स ने लोगों के एक-दूसरे से जुड़ने का तरीका बदल दिया है. उनका मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रहने के कारण कुछ युवा वास्तविक दुनिया में लोगों से मिलने और रिश्ते बनाने के अवसर गंवा रहे हैं. ऑनलाइन बातचीत और प्रोफाइल देखने से मिलने वाला तुरंत ध्यान उन्हें वास्तविक मुलाकातों की ओर बढ़ने से रोक सकता है.
लिंक्स पोर्न को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं मानतीं, लेकिन वह इसके प्रभावों को भी स्वीकार करती हैं. उनके अनुसार, एडल्ट फिल्मों में दिखाए जाने वाले दृश्य वास्तविक जीवन के अंतरंग संबंधों को सही तरीके से नहीं दर्शाते. उन्होंने बताया कि कुछ पुरुषों ने वास्तविक मुलाकातों के दौरान ऐसे व्यवहार किए, जिन्हें उन्होंने उनकी फिल्मों में देखा था. लिंक्स का कहना है कि पोर्न एक तरह का अभिनय है, इसे वास्तविक रिश्तों के लिए निर्देश-पुस्तिका नहीं समझना चाहिए.
लिंक्स के मुताबिक, डेटिंग ऐप्स लोगों को संभावित साथियों की अंतहीन सूची का एहसास कराते हैं. प्रोफाइल पर लगातार स्वाइप करना और नए लोगों से मैच होना कुछ लोगों के लिए आनंद का स्रोत बन जाता है. ऐसे में किसी एक व्यक्ति से मिलने और रिश्ता आगे बढ़ाने के बजाय वे लगातार नए विकल्प तलाशते रहते हैं. कई बार बातचीत ऑनलाइन ही सीमित रह जाती है और वास्तविक मुलाकात नहीं हो पाती.
लिंक्स का मानना है कि सोशल मीडिया पर लगातार बातचीत करने से कुछ लोगों के लिए आमने-सामने संवाद करना और किसी से सीधे अपने आकर्षण का इजहार करना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने कहा कि सामाजिक कौशल का इस्तेमाल न होने पर उसमें सहजता कम हो सकती है. उनके अनुसार, स्क्रीन के जरिए संपर्क करना आसान है, लेकिन इससे वास्तविक मानवीय जुड़ाव की जरूरत पूरी नहीं होती.
रिपोर्ट में OnlySearch प्लेटफॉर्म के आंकड़ों का हवाला दिया गया है. इसके अनुसार, 2026 में इस प्लेटफॉर्म पर 73 लाख सर्च दर्ज हुईं और ‘कपल’ तथा ‘वाइफ’ जैसे शब्द शीर्ष 20 खोजों में शामिल रहे. ‘गर्लफ्रेंड एक्सपीरियंस’ और ‘गर्ल नेक्स्ट डोर’ जैसे नामों से कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को भी अधिक क्लिक मिले. ये आंकड़े कुछ उपयोगकर्ताओं की पसंद दिखाते हैं, लेकिन इनके आधार पर सभी पोर्न देखने वालों की भावनाओं के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
लिंक्स ने अपने काम के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पुरुष अपने साथी के साथ समय बिताने के बजाय काम के दौरान उन्हें संदेश भेजते हैं. उनके अनुसार, तुरंत मिलने वाले आनंद की तलाश वास्तविक रिश्तों में समय और भावनात्मक जुड़ाव बनाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है. उनका मुख्य तर्क है कि डिजिटल संपर्क कितना भी आसान क्यों न हो, वह वास्तविक जीवन में मिलने वाले भरोसे और मानवीय जुड़ाव का पूरी तरह विकल्प नहीं बन सकता.