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शेफ रणवीर बरार ने खोला अपने पिता की खास चाय रेसिपी का राज, सौंफ और मुलेठी से जुड़ा है सेहत का रहस्य

शेफ रणवीर बरार ने बताया कि उनके पिता की खास चाय रेसिपी में गर्मियों में सौंफ और सर्दियों में मुलेठी डाली जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार यह संयोजन आयुर्वेदिक रूप से शरीर के संतुलन के लिए लाभदायक है.

Kanhaiya Kumar Jha
Edited By: Kanhaiya Kumar Jha
Chef Ranveer Brar India Daily
Courtesy: Social Media & Gemini AI

नई दिल्ली: देश के मशहूर शेफ रणवीर बरार, जो अपने स्वादिष्ट व्यंजनों और खाने से जुड़ी कहानियों के लिए जाने जाते हैं, ने हाल ही में चाय बनाने के सही तरीके के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि उन्हें अपने पिता की बनाई चाय सबसे ज्यादा पसंद है और यह रेसिपी उनके दिल के बहुत करीब है.

रणवीर बरार ने यूट्यूब पॉडकास्ट ‘रणवीर इलाहाबादिया शो’ में कहा कि मेरे पिता जी घर पर चाय बनाते हैं. उन्होंने पूरी रेसिपी तो साझा नहीं की, लेकिन यह बताया कि उनके पिता चाय में दो बार दूध डालते हैं. इसके अलावा, वे गर्मियों में सौंफ और सर्दियों में मुलेठी डालते हैं. बरार ने बताया कि उनकी दादी कहती थीं कि ऐसा करने से शरीर का संतुलन बना रहता है, इसलिए आज तक वे यह तरीका अपनाते हैं.

बरार ने यह भी कहा कि चाय हर किसी के लिए अलग स्वाद की होती है. भले ही सामग्री एक जैसी हो, लेकिन हर व्यक्ति का तरीका और प्यार उसे खास बना देता है. इस विषय पर KIMS हॉस्पिटल, ठाणे की मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. अमरीन शेख ने भी सहमति जताई. उन्होंने कहा कि भारतीय पारंपरिक नुस्खे सिर्फ आदतें नहीं, बल्कि ज्ञान का खज़ाना हैं. डॉ. शेख ने समझाया कि मुलेठी और सौंफ का उपयोग मौसम के अनुसार शरीर पर अलग-अलग प्रभाव डालता है.

सर्दियों में फायदेमंद मुलेठी

उनके अनुसार, मुलेठी सर्दियों में फायदेमंद होती है क्योंकि यह गर्म और सुकून देने वाली होती है. यह खांसी, जुकाम और गले की खराश में राहत देती है और श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है. वहीं, सौंफ गर्मियों में ठंडक देती है, यह पाचन सुधारती है, एसिडिटी कम करती है और शरीर को ताजगी प्रदान करती है. इसलिए, मौसम के अनुसार इन दोनों का उपयोग आयुर्वेदिक दृष्टि से बिल्कुल उचित है.

डॉ. शेख ने आगे बताया कि मुलेठी चाय को गाढ़ा और हल्का मीठा स्वाद देती है, जिसमें कैरेमल जैसा फ्लेवर होता है, जबकि सौंफ चाय को हल्की, सुगंधित और ताजगीभरी मिठास देती है, जिससे दूध का भारीपन कम हो जाता है.

मुलेठी वाली चाय की रेसिपी

उन्होंने कहा कि दो कप चाय के लिए केवल एक चौथाई चम्मच (चुटकी भर) सौंफ या मुलेठी पर्याप्त है. ज्यादा मात्रा डालने से स्वाद बिगड़ सकता है. साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि उच्च रक्तचाप या किडनी की समस्या वाले लोग मुलेठी का सेवन सीमित करें, क्योंकि यह सोडियम स्तर बढ़ा सकती है.