Periods Pain: हर महीने आने वाला मासिक धर्म यानी पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसके पहले दिन होने वाला पीरियड्स क्रैंप कई बार असहनीय हो जाता है. पेट के निचले हिस्से में तेज ऐंठन, कमर में दर्द और बेचैनी रोजमर्रा के काम को मुश्किल बना देती है. यह दर्द क्यों होता है और इससे कैसे राहत पाई जा सकती है, इसे समझना हर महिला के लिए जरूरी है.
विशेषज्ञों के अनुसार, मासिक धर्म शुरू होते समय शरीर में एक विशेष रसायन का स्तर सबसे अधिक होता है. यह रसायन गर्भाशय की भीतरी परत से निकलता है और गर्भाशय को सिकोड़ने का काम करता है. इसी सिकुड़न के कारण रक्त और वायु का प्रवाह कुछ समय के लिए कम हो जाता है, जिससे तेज दर्द और ऐंठन होती है. शरीर में यह रसायन जितना अधिक बनता है, पीरियड्स क्रैंप उतनी ही तीव्र होती हैं.
यह दर्द केवल पेट तक सीमित नहीं रहता. इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं;
कुछ जीवनशैली संबंधी कारण भी मासिक धर्म के दर्द को और अधिक बढ़ा देते हैं:
अगर दर्द बहुत अधिक हो या असामान्य रक्तस्राव हो, तो चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें.
पीरियड्स पेन के लिए पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली या गर्म सिंकाई करना बहुत फायदेमंद होता है. इससे मांसपेशियों की ऐंठन कम होती है और रक्त प्रवाह बेहतर होता है. नियमित टहलना, हल्का योग और खिंचाव वाले व्यायाम करने से भी शरीर में प्राकृतिक दर्द निवारक हार्मोन बनते हैं.
मासिक धर्म के दिनों में खान पान पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना आराम करना. इन बातों का पालन करें:
अगर मासिक धर्म संबंधी समस्या लगातार बढ़ रही हो, दर्द असहनीय हो जाए, या रक्तस्राव सामान्य से बहुत अधिक हो, तो बिना देर किए चिकित्सक से जांच करवाएं. सही उपचार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मासिक धर्म को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
नोट: यहां दी गई तमाम जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट से ली गई हैं. इंडिया डेली इसकी पुष्टि नहीं करता है. अगर आपको अप्लाई करना है तो अपने विशेषज्ञ से सलाह लें.