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पीरियड्स के पहले दिन क्यों होता है सबसे ज्यादा दर्द? जानें असली कारण और उपाय

पीरियड्स के पहले दिन दर्द सबसे अधिक क्यों होता है, यह जानना जरूरी है. मेंसुरेशन क्रैंप के कारण, लक्षण और घरेलू उपायों की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

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Edited By: Reepu Kumari
पीरियड्स के पहले दिन क्यों होता है सबसे ज्यादा दर्द? जानें असली कारण और उपाय
Courtesy: Pinterest

Periods Pain: हर महीने आने वाला मासिक धर्म यानी पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसके पहले दिन होने वाला पीरियड्स क्रैंप कई बार असहनीय हो जाता है. पेट के निचले हिस्से में तेज ऐंठन, कमर में दर्द और बेचैनी रोजमर्रा के काम को मुश्किल बना देती है. यह दर्द क्यों होता है और इससे कैसे राहत पाई जा सकती है, इसे समझना हर महिला के लिए जरूरी है.

पहले दिन ज्यादा दर्द का असली कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, मासिक धर्म शुरू होते समय शरीर में एक विशेष रसायन का स्तर सबसे अधिक होता है. यह रसायन गर्भाशय की भीतरी परत से निकलता है और गर्भाशय को सिकोड़ने का काम करता है. इसी सिकुड़न के कारण रक्त और वायु का प्रवाह कुछ समय के लिए कम हो जाता है, जिससे तेज दर्द और ऐंठन होती है. शरीर में यह रसायन जितना अधिक बनता है, पीरियड्स क्रैंप उतनी ही तीव्र होती हैं.

दर्द कहां कहां महसूस होता है?

यह दर्द केवल पेट तक सीमित नहीं रहता. इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं;

  • पेट के निचले हिस्से में तेज ऐंठन
  • कमर और कूल्हों में भारीपन व दर्द
  • पैरों में खिंचाव और थकान
  • जी मिचलाना और चक्कर आना
  • सिरदर्द और पेट फूलना
  • दस्त या कब्ज की समस्या

इन कारणों से भी बढ़ता है दर्द

कुछ जीवनशैली संबंधी कारण भी मासिक धर्म के दर्द को और अधिक बढ़ा देते हैं:

  • अत्यधिक मानसिक तनाव
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • धूम्रपान की आदत
  • मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता
  • गर्भाशय में गांठ या संक्रमण जैसी बीमारिया

अगर दर्द बहुत अधिक हो या असामान्य रक्तस्राव हो, तो चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें.

घरेलू उपाय जो दिलाते हैं राहत

पीरियड्स पेन के लिए पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली या गर्म सिंकाई करना बहुत फायदेमंद होता है. इससे मांसपेशियों की ऐंठन कम होती है और रक्त प्रवाह बेहतर होता है. नियमित टहलना, हल्का योग और खिंचाव वाले व्यायाम करने से भी शरीर में प्राकृतिक दर्द निवारक हार्मोन बनते हैं.

खान पान का रखें ध्यान

मासिक धर्म के दिनों में खान पान पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना आराम करना. इन बातों का पालन करें:

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • फल, हरी सब्जियाँ और साबुत अनाज खाएं
  • मछली, अलसी जैसे ओमेगा 3 युक्त खाद्य पदार्थ लें
  • चाय, कॉफी और अधिक नमक वाली चीजों से परहेज करें
  • शराब और तली भुनी चीजें कम से कम खाएं

कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर मासिक धर्म संबंधी समस्या लगातार बढ़ रही हो, दर्द असहनीय हो जाए, या रक्तस्राव सामान्य से बहुत अधिक हो, तो बिना देर किए चिकित्सक से जांच करवाएं. सही उपचार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मासिक धर्म को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

नोट: यहां दी गई तमाम जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट से ली गई हैं. इंडिया डेली इसकी पुष्टि नहीं करता है. अगर आपको अप्लाई करना है तो अपने विशेषज्ञ से सलाह लें.