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जिंदगी बदल देंगे सुंदर पिचाई के ये 3 मंत्र, गुस्सा और हाजिर जवाबी को आज से ही कहें ना

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को शांत स्वभाव का इंसान कहा जाता है. जिंदगी में सफलता पाने के बाद भी पिचाई कभी भी अनियंत्रित होते नजर नहीं आते हैं. आज उनके कुछ खास टिप्स के बारे में जानेंगे.

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Edited By: Shanu Sharma
जिंदगी बदल देंगे सुंदर पिचाई के ये 3 मंत्र, गुस्सा और हाजिर जवाबी को आज से ही कहें ना
Courtesy: ANI

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई बेहद ही शांत और संतुलित स्वभाव के इंसान हैं. उनकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि किसी भी कठिन परिस्थिति में भी खुद को संतुलित रखते हैं. कंपनी से जुड़े विवाद हो या फिर दुनिया में चल रही AI से जुड़ी दौड़, पिचाई हमेशा शांत और संयमित रहते हैं. 

सुंदर पिचाई की इस कला को आज के समय में सभी युवाओं को सीखने की जरूरत है. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी के सीईओ हमेशा हाजिर जवाबी से बचने की कोशिश करते हैं और यहीं उनकी खासियत है. उनके साथ काम करने वाले लोग बताते हैं कि पिचाई ज्यादा बोलने के बजाय ध्यान से सुनना पसंद करते हैं.

पूरी बात को सुनकर जवाब दें

आमतौर पर लोग अक्सर पूरी बात को सुने बिना ही जवाब सोचने लगते हैं. जिसकी वजह से उनके दिमाग में तनाव होता है. वहीं पिचाई ऐसी परिस्थिति में शांत रहना चुनते हैं. पहले शांति से वह पूरी बात को सुनते हैं और समझने की कोशिश करते हैं. फिर समय लेकर जवाब देते हैं. जिससे उनका जवाब अक्सर संतुलित और प्रभावी होता है. आज के समय में युवाओं को इसे सीखने की जरूरत है. अगर किसी भी समस्या के बारे में बैठ करके सोचा जाए तो बेहतर समाधान निकल सकते हैं.

बहस के बजाय समाधान पर ध्यान

सुंदर पिचाई की दूसरी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे समस्या में उलझने के बजाय उसके समाधान को ढूंढने की कोशिश करते हैं. किसी भी मुद्दे पर विवाद होने के बाद वे बहस जीतने के बजाय मुद्दे को समझने की कोशिश करते हैं. जिससे उनको काफी मदद  मिलती है. कहने का मतलब है कि आज के समय में लोग किसी भी बात को बहुत जल्दी इगो पर लेते हैं. लेकिन पिचाई मानते हैं कि अगर अहंकार को पीछे रखकर समाधान की ओर बढ़ा जाए तो परिणाम ज्यादा सकारात्मक आ सकते हैं.

घबराने के बजाय लंबी योजना

AI की दुनिया में हर दिन कुछ नया आविष्कार हो रहा है. जिसके कारण गूगल को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है. इस परिस्थिति में भी पिचाई घबराने के बजाय, लंबी योजना बनाते हैं. उनका मानना है कि एक खराब दिन, एक असफल बैठक या एक गलती पूरी यात्रा को तय नहीं कर सकती. चेन्नई के एक साधारण परिवार में जन्म लेने वाले पिचाई टेक दुनिया के सबसे ताकतवर सीईओ बनने तक का सफर अपने धैर्य और दूरदृष्टि से पूरा किया. जिसे हर इंसान को सीखने की जरूरत है.