नई दिल्ली: नौकरी चुनते समय आज की युवा पीढ़ी सिर्फ यह नहीं देखती कि महीने में कितना पैसा मिलेगा. काम का दबाव, परिवार के लिए समय, छुट्टियां और नौकरी के साथ मिलने वाली सुविधाएं भी फैसले को प्रभावित करती हैं. यही वजह है कि सरकारी नौकरी का आकर्षण अब सिर्फ स्थायित्व तक सीमित नहीं है. कई युवा ऐसे पदों की तलाश करते हैं, जहां नियमित आय के साथ छुट्टियों और कर्मचारी सुविधाओं का भी अच्छा इंतजाम हो.
तकनीक और निजी क्षेत्र के बढ़ते अवसरों के बावजूद सरकारी नौकरियों के लिए युवाओं की दिलचस्पी बनी हुई है. नौकरी की सुरक्षा इसका बड़ा कारण है, लेकिन वेतन और सुविधाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सभी सरकारी संस्थानों में छुट्टियों के नियम समान नहीं होते. बैंक, रिजर्व बैंक और केंद्रीय सरकारी विभाग अपने-अपने सेवा नियमों के अनुसार अवकाश और दूसरी सुविधाएं देते हैं.
भारतीय स्टेट बैंक के प्रोबेशनरी ऑफिसर पद पर छुट्टियों के अलावा कई कर्मचारी सुविधाएं भी मिलती हैं. SBI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार हर साल 33 दिन की प्रिविलेज लीव और 12 दिन की कैजुअल लीव का प्रावधान है. इसके साथ सिक लीव और मैटरनिटी लीव जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं. पात्र महिला कर्मचारियों और बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने वाले एकल पुरुष कर्मचारियों को दो साल तक की सैबेटिकल लीव मिल सकती है.
SBI कर्मचारियों को लीव ट्रैवल कंसेशन की सुविधा भी देता है. प्रोबेशनरी ऑफिसर के वेतन की बात करें तो बैंक की आधिकारिक करियर वेबसाइट पर मुंबई सेंटर के लिए 18.67 लाख रुपये का कुल CTC बताया गया है. इसमें लीज्ड रेंटल अकॉमोडेशन और कन्वेयंस अलाउंस जैसे घटक शामिल हैं. यानी इस पद का पैकेज केवल वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नौकरी से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है.
भारतीय रिजर्व बैंक के Grade B पद पर भी वेतन और कर्मचारी सुविधाओं का पैकेज मिलता है. 2025 की भर्ती अधिसूचना के अनुसार बेसिक सैलरी 78,450 रुपये प्रतिमाह थी. उस समय HRA को छोड़कर शुरुआती ग्रॉस एमोल्यूमेंट करीब 1,50,374 रुपये प्रतिमाह बताया गया था. RBI की अधिसूचना में बैंक आवास, मेडिकल सुविधा, लीव फेयर कंसेशन, फर्निशिंग अलाउंस और लोन जैसी सुविधाओं का उल्लेख है. यहां छुट्टियां बैंक के लागू सेवा नियमों के अनुसार तय होती हैं.
केंद्र सरकार के कई विभागों में कर्मचारियों के लिए CCS (Leave) Rules लागू होते हैं. इनमें अर्जित अवकाश, हाफ पे लीव और कैजुअल लीव जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं. पात्र कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव का भी प्रावधान है. 2018 के संशोधन के अनुसार पहले 365 दिनों के लिए 100 प्रतिशत अवकाश वेतन और अगले 365 दिनों के लिए 80 प्रतिशत अवकाश वेतन देने की व्यवस्था की गई थी. इसलिए इन नौकरियों में वेतन के साथ छुट्टियों और सुविधाओं का भी महत्व है.