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World Happiness Report 2024: बुजुर्गों की तुलना में कम खुश होती जा रही है युवा पीढ़ी, रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गई वर्ल्ड हेप्पीनेस रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, फिलनैंड लगातार सातवीं बार दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना है. वहीं भारत इस लिस्ट में पिछले साल  की तरह 126वें स्थान पर है.

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Youth are becoming less happier than the elders

एक वैश्विक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि दुनिया की युवा आबादी बुजुर्गों की तुलना में कम खुश होती जा रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि वे Midlife Crisis जैसे किसी विकार से ग्रसित हैं.

इस रिसर्च को लेकर अमेरिका के एक शीर्ष डॉक्टर ने कहा कि युवा आबादी वास्तव में संघर्ष कर रही है. अमेरिकी सर्जन जनरल, डॉ. विवेक मूर्ति ने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया का उपयोग करने की अनुमति देना ऐसा दवा देने के समान है जो सुरक्षित नहीं पाई गई है. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सरकारों द्वारा सोशल मीडिया को ठीक से नियंत्रित ना कर पाना बेहद शर्मनाक है.

मुर्ति ने कहा कि डाटा से खुलासा हुआ है कि नॉर्थ अमेरिका में युवा लोग अपने बुजुर्गों की तुलना में कम खुश है, यही बदलाव पश्चिमी यूरोप में भी आने की उम्मीद है.

क्या होता है मिडलाइफ क्राइसिस ( Midlife Crisis)
मिड लाइफ क्राइसिस यानी मध्य जीवन संकट जीवन के उस दौर को कहा जाता है जहां एक व्यक्ति अपनी पहचान और अपने आत्मविश्वास को लेकर संघर्ष करता है. यह अक्सर 25 से 60 साल की उम्र के बीच महिला और पुरुष दोनों में हो सकता है. मिडलाइफ क्राइसिस कोई विकार नहीं बल्कि मुख्य रूप से मनोवैज्ञानिक है.

सबसे खुशहाल टॉप-20 देशों से बाहर हुआ अमेरिका
अमेरिका में 30 साल से कम उम्र के युवाओं की सेहत लगातार प्रभावित हो रही है जिसकी वजह से अमेरिका 2024 की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में टॉप-20 खुशहाल देशों की लिस्ट से बाहर हो गया है. डॉक्टर मुर्ति ने कहा एक दौर था जब 15 से 24 साल के बच्चों को बुजुर्गों से खुश माना जाता था लेकिन 2017 में यह ट्रेंड बदल गया और अब पूरी दुनिया में यह चलन तेजी से बढ़ रहा है.  मुर्ति ने कहा कि यह रिपोर्ट वास्तव में एक गंभीर चेतावनी है कि अमेरिका में युवा वास्तव में संघर्ष कर रहे हैं और पूरी दुनिया में यह चलन बढ़ रहा है.

क्या सोशल मीडिया भी कर रहा बीमार
उन्होंने कहा कि वह अभी भी उस डाटा का इंतजार कर रहे हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित है, साथ ही उन्होंने युवाओं के वास्तविक जीवन के सामाजिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई करने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मिडलाइफ क्राइसिस से जूझ रहे बच्चों के लिए तुरंत पॉलिसी बनाने की जरूरत है.

फिनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देश
संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गई वर्ल्ड हेप्पीनेस रिपोर्ट के मुताबिक, फिलनैंड लगातार सातवीं बार दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना है. वहीं भारत इस लिस्ट में पिछले साल  की तरह 126वें स्थान पर है.

नॉर्डिक देशों डेनमार्क, आइसलैंड और स्वीडन ने टॉप-10 खुशहाल देशों की लिस्ट में अपना स्थान बरकरार रखा है. वहीं 2020 के बाद फिर से तालिबान के कब्जे में आया अफगानिस्तान भयानक मानव त्रासदी के कारण 143 देशों की इस लिस्ट में सबसे निचले स्थान पर है.