केन्या में ट्रेनिंग ले रहे ब्रिटिश सैनिकों को ट्रेनिंग के दौरान एक ऐसा काम करने के लिए कहा गया, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. सैनिकों को केन्या की सेक्स वर्कर्स के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है. द मेल ऑन संडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटिश सैनिकों से सीनियर अधिकारियों ने कहा कि बहादुरी दिखाएं और बिना कंडोम के ही सेक्स वर्कर्स के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाएं.
ब्रिटिश सेना के बड़े अधिकारी इस रिपोर्ट से चिंता में आ गए हैं. केन्या वही देश है, जहां HIV और एड्स के मरीज सबसे ज्यादा है. इस इलाके में हर 20 लोगों में से एक शख्स HIV पॉजिटिव है. ऐसी जगह भी सैनिक असुरक्षित यौन संबंध बना रहे हैं.
कैसे सैनिकों को किया जा रहा है मजबूर?
एक सैनिक ने रक्षा मंत्रालय से शिकायत भी की है. जिन सैनिकों की तैनाती केन्या में पहली बार होती है, उनके लिए एक सेरेमनी रखी जाती है और उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता है. सीनियर अधिकारी एक सिक्का लेकर टॉस उछालते हैं. अगर हेड आता है तो उन्हें कंडोम पहनकर, टेल आता है तो बिना कंडोम के सेक्स वर्कर्स के साथ रिश्ता बनाना होता है.
डिफेंस मेडिकल सर्विसेज की इस रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही केन्या में ब्रिटिश सैनिक आते हैं, उन्हें उन्हें यौन संबंधों से जुड़ी एक एडवाइजरी सौंपी जाती है. असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से सैनिकों में एड्स के मामले बढ़े हैं. ज्यादातर लोग यहां आकर भूल जाते हैं कि उन्हें ऐसा नहीं करना है.
केन्या की 5 फीसदी आबादी है HIV संक्रमित
केन्या की करीब 5 फीसदी आबादी HIV पॉजिटिव है, वहीं 0.2 फीसदी लोग ब्रिटेन में एड्स से संक्रमित हैं. HIV सिर्फ असुरक्षित यौन संबंधों से फैलता है. समझदारी से इस वायरस से बचा जा सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन, लोगों को सुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए समय-समय पर गाइडलाइन भी जारी करता है.
सैलून पर ऑफर हो रहा है ये सर्विस
सेक्स वर्कर्स आसानी से इसकी चपेट में आ जाती हैं. वे इसे फैलाने की मीडियम भी बन जाती हैं. केन्या के न्यायुकी ब्रिटिश बेस के पास सेक्स वर्कर्स बड़ी संख्या में आ रही हैं. वहां के सैलून तक में यह सर्विस ऑफर किया जाता है. एक सैनिक ने दावा किया कि वह नाई की दुकान पर बाल कटाने गया था. उसे पीछे दरवाजे से एक जगह ले जाया गया, वहां कुछ सेक्स वर्कर्स को दिखाया गया. उससे कहा गया कि आप किसी एक को चुन सकते हैं. ब्रिटिश सैन्य अधिकारी इन रिपोर्ट पर अब चिंता जता रहे हैं.