वर्ष 2012 से लापता चल रही एक छात्रा को करीब 14 साल बाद कथित रूप से मुन्ना अंसारी के चंगुल से मुक्त कराकर मथुरा लाया गया है. पीड़िता को सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों की मदद से रेस्क्यू कर गोविंद नगर थाने लाया गया, जहां आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी गई है.
बताया गया कि पीड़िता मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली है और वर्ष 2012 में मथुरा स्थित कल्याण करोति संस्थान में पढ़ाई कर रही थी. उसी दौरान मुन्ना अंसारी नाम का एक व्यक्ति कथित रूप से अपना नाम बदलकर उसके संपर्क में आया और दोस्ती कर उसे अपने जाल में फंसा लिया. आरोप है कि कुछ समय बाद उसने छात्रा का कॉलेज जाते समय रास्ते से अपहरण कर लिया और उसे बिहार के किशनगंज ले जाकर बंधक बनाकर रखा.
पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे लंबे समय तक जबरन बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उसे नशीले पदार्थ देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी.
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए उसके नाम पर लोन भी लिया. इतना ही नहीं, उसे अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में धकेलने की भी कोशिश की गई. जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी.
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह और महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि संगठन को इस मामले की जानकारी मिली थी, जिसके बाद लगभग एक महीने तक लगातार प्रयास कर पीड़िता को आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया गया.
उनका कहना है कि आरोपी ने पहले अपना नाम बदलकर खुद को हिंदू युवक बताया और युवती को प्रेमजाल में फंसाया. बाद में उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसे जबरन गोमांस तक खिलाया गया और उससे बच्चे भी पैदा कराए गए. संगठन के पदाधिकारियों ने पीड़िता को सकुशल मथुरा लाकर गोविंद नगर थाने में पुलिस को सौंप दिया है.
इस मामले में थाना अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी मुन्ना अंसारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. वहीं पुलिस तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है. पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.