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ईरान मध्य पूर्व का हारा हुआ देश: खाड़ी देशों से माफी मांगने पर ट्रंप ने की तेहरान की जमकर आलोचना

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि यह शायद पहली बार है जब ईरान को आसपास के मध्य पूर्वी देशों के सामने झुकना पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की स्थिति अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान मध्य पूर्व का हारा हुआ देश: खाड़ी देशों से माफी मांगने पर ट्रंप ने की तेहरान की जमकर आलोचना
Courtesy: @PopCrave

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग देश नहीं रहा, बल्कि इस क्षेत्र का सबसे बड़ा हारने वाला बन गया है. यह बयान उस समय आया जब ईरान ने युद्ध के दौरान हुए हमलों को लेकर अपने कुछ खाड़ी पड़ोसी देशों से माफी मांगी. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर कहा कि ईरान ने यह कदम अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के दबाव में उठाया है.

अमेरिका और इजरायल के हमलों का बताया असर

ट्रंप ने अपने संदेश में दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों ने ईरान को कमजोर कर दिया है. उनके मुताबिक इसी दबाव के कारण ईरान ने पड़ोसी देशों से कहा है कि वह अब उन पर मिसाइल या अन्य हमले नहीं करेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान लंबे समय से पूरे मध्य पूर्व में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता था, लेकिन मौजूदा हालात में उसकी रणनीति कमजोर पड़ गई है.

हजारों साल में पहली बार हारा ईरान 

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि यह शायद पहली बार है जब ईरान को आसपास के मध्य पूर्वी देशों के सामने झुकना पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की स्थिति अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही. उन्होंने कहा कि, क्षेत्र में चल रहे सैन्य दबाव ने ईरान को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में हालात और कड़े हो सकते हैं.

ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर ईरान का व्यवहार नहीं बदला तो उस पर और सख्त कार्रवाई की जा सकती है. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को अभी भी बड़े हमलों का सामना करना पड़ सकता है. उनके मुताबिक अमेरिका स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कठोर कदम उठाए जा सकते हैं. फिलहाल मध्य पूर्व में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. कई देशों के बीच बढ़ते टकराव और सैन्य कार्रवाई के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और राजनीति पर पड़ सकता है.