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India Daily
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'मोदी की हार, बड़ा झटका...', लोकसभा चुनाव के नतीजों पर क्या कह रहा है विदेशी मीडिया?

Foreign Media Reaction On Lok Sabha Election Result: भारत के लोकसभा चुनाव को विदेशी मीडिया ने प्रमुखता से कवर किया. चुनावी नतीजों के बाद विदेशी मीडिया ने आउटलेट्स ने यही बताया कि मोदी के लिए यह बड़ी हार है हालांकि इसके बावजूद वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे.

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Gyanendra Tiwari
Foreign MEdia On India Lok Sabha Election
Courtesy: Social Media

Foreign Media Reaction On Lok Sabha Election Result: भारत के आम चुनाव के नतीजों को विदेशी मीडिया प्रमुखता से कवर किया. चुनावी नतीजों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला. बीजेपी को 240 सीटें मिली, जबकि कांग्रेस को 99 सीटें मिली. हालांकि, एनडीए ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. एनडीए गठबंधन को 294 तो इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली हैं. इस बार बीजेपी को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार चलानी होगी. बीजेपी के बहुमत के आंकड़े को पार न करने पर प्रमुख अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जनरल ने लिखा कि बीजेपी को लोकसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिला इस फैक्ट के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में बने रहने के लिए तैयार हैं.

ब्रिटेन के प्रमुख अखबार द गार्जियन ने छापा कि आम चुनाव में मोदी ने बहुमत खो दिया है. अब उन्हें सत्ता में बने रहने के लिए एनडीए गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के साथ बातचीत करके सरकार बनानी होगी.

मोदी को बड़ा झटका, सहयोगियों की मदद से बनाएंगे सरकार

जर्मनी के डीडब्ल्यू ने लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आम चुनाव में एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि उनकी पार्टी बीजेपी आम चुनाव में बहुमत नहीं हासिल कर पाई है.

अमेरिका के सीएनएन ने लिखा कि लोकसभा चुनाव के नतीजे पीएम मोदी और उनकी पार्टी के लिए शॉकिंग रहे क्योंकि बीजेपी बहुमत के आंकड़े को पार करने में नाकाम रही.

वहीं, वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि पीएम मोदी की "अजेयता की आभा" को नुकसान पहुंचा है, क्योंकि BJP लोकसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल करने में असमर्थ रही.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने छापा की पीएम मोदी को सत्ता में बने रहने के लिए सहयोगियों की मदद की जरूरत है. उनकी  "अजेयता की आभा" इस बार के लोकसभा चुनाव में टूट गई. बीजेपी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ.

न्यूज एजेंस रॉयटर्स ने लिखा कि हंबल पीएम मोदी को अपने सहयोगियों की जरूरत है और इंडिया की बेरोजगारी और महंगाई का जवाब देने की भी.