नई दिल्ली: वेनिजुएला के निर्वासित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी न्यायालय में आरोपों से खुद को निर्दोष बताया. न्यूयॉर्क की फेडरल अदालत में मादुरो ने नार्को-आतंकवाद और कोकीन तस्करी जैसे गंभीर आरोपों का सामना किया. मादुरो ने दावा किया कि उन्हें 3 जनवरी से जबरन हिरासत में लिया गया है. उनके वकील ने इसे 'सैन्य अपहरण' करार दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी.
अदालत में मादुरो ने कहा, 'मैं निर्दोष हूं, मैं दोषी नहीं हूं. मैं एक सम्मानित व्यक्ति हूं. मैं अभी भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं.' उन्होंने अपने घर से गिरफ्तारी की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि अमेरिकी सुरक्षा बलों ने उन्हें काराकास में पकड़ा. उनका यह बयान संभावित रक्षा की मुख्य रणनीति बन सकता है.
मादुरो और उनकी पत्नी सिसिलिया फ्लोरेस पर चार गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें नार्को-आतंकवाद, कोकीन तस्करी की साजिश और मशीन गन व विनाशकारी उपकरणों का कब्जा शामिल है. अमेरिकी वकीलों के अनुसार, मादुरो ने कोलंबिया की FARC और मैक्सिको के मादक पदार्थ गिरोहों के साथ मिलकर तस्करी नेटवर्क चलाया.
मादुरो को ब्रुकलिन के हिरासत केंद्र से भारी सुरक्षा में अदालत लाया गया. उनके हाथों में जिप टाई थी और वे सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों के साथ हेलीकॉप्टर से अदालत पहुंचे. नारंगी और बेज रंग की जेल पोशाक में मादुरो ने हेडफोन से सुनवाई सुनी. जज ने उनके पहचान की पुष्टि मांगी, जिसमें मादुरो ने स्पेनिश में जवाब दिया.
अमेरिकी अभियोजकों ने मादुरो को 2020 में पहले से ही आरोपित किया था. यह जांच लंबे समय से चल रही थी, जिसमें वर्तमान और पूर्व वेनेजुएला अधिकारी और कोलंबियाई गोरिल्ला समूह शामिल थे. शनिवार को संशोधित आरोपपत्र में नए विवरण और सह-आरोपियों के नाम जोड़े गए. अमेरिका मादुरो को 2018 के विवादित पुन: चुनाव के बाद अवैध नेता मानता है.
मादुरो के वकील ने गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और इसे सैन्य अपहरण करार दिया. मादुरो ने लगातार आरोपों से इनकार किया है और इसे अमेरिकी तेल संपत्ति पर नियंत्रण का बहाना बताया है. अमेरिकी अदालत में उनका अगला सत्र 17 मार्च को निर्धारित किया गया है, जहां मामले की आगे की सुनवाई होगी.