menu-icon
India Daily

अमेरिका से यूरोप तक ट्रंप के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, 'No Kings Protest' को 90 लाख लोगों का समर्थन!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ उनकी ही जनता सड़क पर उतर चुकी है. लोगों द्वारा 'No Kings Protest' शुरू किया गया है, जिसमें ईरान के साथ किए जा रहे युद्ध का विरोध किया जा रहा है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
अमेरिका से यूरोप तक ट्रंप के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, 'No Kings Protest' को 90 लाख लोगों का समर्थन!
Courtesy: X (@ArtCandee, @EdKrassen)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगुवाई में अमेरिकी सैनिकों द्वारा लगातार ईरान पर हमला किया जा रहा है. हालांकि उनके इस फैसले को कई अमेरिकी समर्थन नहीं दे रहे हैं. यूरोप में भी इस युद्ध के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है. इसी क्रम में अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में 28 मार्च को 'नो किंग्स' नाम की रैलियां शुरू की गई. इन रैलियों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे.

नो किंग्स रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों द्वारा ईरान में चल रहे युद्ध और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाया जा रहा है. आयोजकों का अनुमान है कि इसमें 90 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं. कुछ लोगों ने अमेरिकी झंडे उल्टे पकड़ रखे थे, इसे विरोध का तरीका माना जाता है.

90 लाख से ज्यादा लोग शामिल

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ यह तीसरा नो किंग्स रैली निकाली गई, जो यह दर्शाता है कि वहां की जनता ट्रंप की नीतियों से खुश नहीं है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने हमेशा अपनी नीतियो को अमेरिका के पक्ष में बताया है. पिछले साल दो बार जून और अक्टूबर हुए इस रैली में लगभग 50 लाख से 70 लाख तक लोग शामिल हुए थे. लेकिन इस बार आयोजकों का अनुमान है कि 90 लाख से ज्यादा लोग इन रैलियों में हिस्सा ले सकते हैं. इस दौरान महिलाएं 'कैट्स अगेंस्ट ट्रंप' के बैनर लेकर पहुंचीं.

ट्रंप पर क्यों भड़के लोग?

वाशिंगटन डीसी में सैकड़ों लोग लिंकन मेमोरियल से नेशनल मॉल तक मार्च निकालकर पहुंचे. उन्होंने अपने हाथों में 'ताज उतार दो, जोकर' और 'सत्ता बदलाव घर से शुरू होता है' पोस्टर लिए थे. भीड़ से लगातार आवाज आ रही थी कि हमें कोई राजा नहीं चाहिए. प्रदर्शनकारियों की शिकायतों में ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन नियमों की सख्ती, ईरान युद्ध और ट्रांसजेंडर अधिकारों में कटौती शामिल थी. मिनेसोटा में संघीय एजेंटों की कार्रवाई को लेकर खास नाराजगी थी.

यूरोप में भी लोगों का प्रदर्शन

अमेरिका के अलावा यूरोप में भी रैलियां हुईं. रोम में हजारों लोगों ने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों का विरोध किया. लंदन, पेरिस और अन्य देशों में 'नो टायरेंट्स' के नाम से रैली निकाले गए. हालांकि  व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अबीगैल जैक्सन ने इन रैलियों को 'वामपंथी फंडिंग नेटवर्क' का नतीजा करार दिया.