नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने हलचल मचा दी है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध को निर्णायक मोड़ पर ले जा सकता है. उन्होंने साफ किया कि हॉर्मुज जलमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा केवल अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए. ट्रंप के इस बयान ने उन यूरोपीय और एशियाई देशों को चिंता में डाल दिया है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि अगर अमेरिका ईरानी आतंकवादी राज्य को खत्म कर दे और उपयोग करने वाले देशों को हॉर्मुज जलमार्ग की जिम्मेदारी सौंप दे, तो क्या होगा? ट्रंप ने सहयोगियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इससे निष्क्रिय सहयोगी जल्दी सक्रिय हो जाएंगे. वे सुरक्षा का भार उन देशों पर डालना चाहते हैं जो इस मार्ग का लाभ उठाते हैं और सक्रिय भूमिका निभाने से पीछे हट रहे हैं.
हॉर्मुज जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है. दुनिया के कुल तेल और गैस की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी संकीर्ण मार्ग से गुजरता है. ट्रंप का तर्क है कि चूंकि अमेरिका इस मार्ग पर उतना निर्भर नहीं है, इसलिए यूरोप और एशिया के उन देशों को सुरक्षा का भार उठाना चाहिए जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस पर पूरी तरह निर्भर हैं. वे चाहते हैं कि लाभ उठाने वाले देश जिम्मेदारी भी लें.
ट्रंप लगातार यूरोपीय देशों पर दबाव बना रहे हैं कि वे ईरान के खिलाफ युद्धपोत भेजें. हालांकि, अधिकांश नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया है. उनका तर्क है कि वे ऐसे युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते जिसे उन्होंने शुरू नहीं किया है. सहयोगियों की इस आनाकानी से ट्रंप नाराज हैं और उन्होंने अब सुरक्षा की जिम्मेदारी छोड़ने के संकेत दिए हैं. यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा गतिरोध पैदा कर सकता है.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा. इस युद्ध ने खाड़ी के बंदरगाहों को खतरे में डाल दिया है और वैश्विक व्यापार को बाधित किया है. ईरान के इस रुख ने तेल की वैश्विक कीमतों और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में बड़े संकट की आशंका को काफी बढ़ा दिया है. तनाव कम होने के बजाय और अधिक बढ़ता जा रहा है.
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं. उन्होंने कहा कि ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेगा और हॉर्मुज जलमार्ग को बंद रखेगा. ट्रंप और खामेनेई के इन बयानों ने पश्चिमी एशिया में भीषण संघर्ष की नींव रख दी है. पूरी दुनिया अब सांसें रोककर आने वाले समय के बड़े भू-राजनीतिक बदलावों का इंतजार कर रही है. शांति की राह अब और कठिन नजर आ रही है.