नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला करने के लिए तैयार था, लेकिन ईरान की अपील पर उसे रोक दिया गया. ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को संघर्ष समाप्त करने के लिए समझौता करना होगा. लास वेगास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने फिर से बातचीत की मांग की है. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता. अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान काफी कमजोर हो गया है.
ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला में 48 मिनट का युद्ध हुआ था. हम वही काम ईरान में भी कर रहे हैं. हम उन्हें बुरी तरह मार रहे हैं. लेकिन मैं समझौता करना पसंद करूंगा, क्योंकि मैं लोगों को मारना नहीं चाहता.” उन्होंने आगे कहा, “हम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला करने वाले थे. तब उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, ‘कृपया ऐसा मत करो. बात करते हैं.’ बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा. लेकिन हम बात कर रहे हैं. देखते हैं क्या होता है.” देखें पोस्ट-
#WATCH | On Iran, US President Donald Trump says, "We are knocking them... I would rather make a deal because I do not want to kill people. We were set for the biggest attack of since World War 2... They called me and said please don't do it, let us talk. Then they said we never… pic.twitter.com/57ZV4PSwLT
— ANI (@ANI) August 5, 2026Also Read
ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौता अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ पक्ष रुकावट न डालें तो संयुक्त बयान जारी किया जाएगा. इसमें उन्होंने अमेरिका का इशारा किया. रिपोर्ट के अनुसार, मसौदा समझौते में होर्मुज को फिर से खोला जाएगा, लेकिन अंतिम मंजूरी ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को देनी होगी. यह समझौता ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का रास्ता खोल सकता है.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है. संघर्ष शुरू होने के बाद तेल की कीमतें बढ़ गई थीं. बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 80 डॉलर प्रति बैरल पर था. ट्रंप के बयान से मध्य पूर्व में तनाव और कूटनीतिक प्रयासों दोनों की स्थिति साफ होती है.