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India Daily

'डिमेंशिया के सभी लक्षण दिख रहे हैं...', ट्रंप की मानसिक हालत पर अमेरिकी डॉक्टर ने कहा; व्हाइट हाउस ने किया खारिज

अमेरिकी डॉक्टर ने ट्रंप में डिमेंशिया जैसे लक्षण होने का दावा किया है. व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'डिमेंशिया के सभी लक्षण दिख रहे हैं...', ट्रंप की मानसिक हालत पर अमेरिकी डॉक्टर ने कहा; व्हाइट हाउस ने किया खारिज
Courtesy: @sxrbggpp X account

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच ट्रंप की मानसिक क्षमताओं को लेकर चिंताजनक बातें सामने आई हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर बार-बार किए गए तीखे हमलों के बाद एक अमेरिकी मेडिकल एक्सपर्ट ने उनकी बिगड़ती सोचने-समझने की शक्ति को लेकर चेतावनी जारी की है. 

डॉ. विन गुप्ता, जो X पर खुद को MSNBC के सीनियर मेडिकल एनालिस्ट के तौर पर बताते हैं उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप 'डिमेंशिया' के सभी लक्षण दिखा रहे हैं.

डॉक्टर ने क्या बताया?

यह पहली बार नहीं है जब फेफड़ों के विशेषज्ञ (पल्मोनोलॉजिस्ट) डॉक्टर ने 79 वर्षीय ट्रंप की सेहत को लेकर चिंता जताई है. इस बार उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डिमेंशिया के कुछ खास लक्षण दिखा रहे हैं, जैसे कि अजीब व्यवहार, भ्रम, अतार्किक सोच और शब्दों के चुनाव में दिक्कत.

अपनी पोस्ट में डॉक्टर ने आगे कहा कि ये लक्षण धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं और समय के साथ और खराब होते जा रहे हैं. गौरतलब है कि डॉ. गुप्ता ने यह चेतावनी ईस्टर की छुट्टियों के दौरान ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर की गई अजीबोगरीब पोस्ट की एक श्रृंखला के बाद जारी की. 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने लिखा, 'मंगलवार ईरान में 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' होगा, ये दोनों एक ही दिन होंगे. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.'

क्या ट्रंप को है इलाज की जरूरत?

इस मेडिकल एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी घटनाएं कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि एक बड़ी और ज्यादा चिंताजनक मेडिकल स्थिति का हिस्सा हैं. जनवरी में ही उन्होंने दावा किया था कि ये संकेत सोचने-समझने की शक्ति में कमी के रुझान की ओर इशारा करते हैं. उन्होंने एक मीडिया आउटलेट से कहा, 'वह संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति हैं इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि खबरों से परे उन्हें वह मेडिकल देखभाल मिल रही है जिसकी उन्हें जरूरत है.'

व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

हालांकि व्हाइट हाउस ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया और उन्हें राजनीतिक पूर्वाग्रह का नतीजा तथा 'पागल उदारवादियों' द्वारा गढ़ी गई 'पागलपन भरी साजिश की कहानियां' करार दिया. फिर भी ट्रंप की सेहत को लेकर अटकलें और तेज हो गईं, क्योंकि 5 अप्रैल को उनकी टिप्पणियां सोशल मीडिया पर लंबे समय तक चुप्पी के बाद आई थीं.