नई दिल्ली: US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमलों को दो हफ्ते के लिए रोकने के ऐलान के बाद व्हाइट हाउस के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप को हटाने की मांग की है, उन पर 'युद्ध अपराधों' का आरोप लगाया है और दुनिया भर में US की 'क्रूरता' की निंदा की है.
एक प्रदर्शनकारी मॉर्गन टेलर ने कहा, 'हम आज रात यहां इसलिए जमा हुए हैं क्योंकि हम जो कुछ हो रहा है उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम चुनावों तक इंतजार नहीं कर सकते... इस देश में जो कुछ हो रहा है, उसे अभी रुकना चाहिए. जो क्रूरता न सिर्फ इस देश में हो रही है, बल्कि इस देश द्वारा दुनिया भर में की जा रही है.
#WATCH | Washington, DC | On US President Trump's announcement on the ceasefire, a protester, Morgan Taylor, says, "We are out here tonight because we cannot stand what is going on. We cannot wait till the elections... What's happening in this country needs to stop now. The… pic.twitter.com/YM5YodeH6K
— ANI (@ANI) April 8, 2026
जो युद्ध अपराध इस राष्ट्रपति ने उस व्हाइट हाउस से किए हैं, इस आदमी को जाना ही होगा. पूरे शासन को जाना होगा. जब तक वह चला नहीं जाता, हमें हर दिन इन सड़कों पर उतरना होगा... हर दिन और ज्यादा लोग मर रहे हैं. हर दिन दुनिया भर में और ज्यादा लोग उसकी वजह से तकलीफ उठा रहे हैं.'
एक और प्रदर्शनकारी ने आम नागरिकों की जान जाने की निंदा करते हुए कहा कि US बिना किसी बहाने के ईरान पर हमला कर रहा है. उसने कहा, 'मैं किसी भी ऐसे विदेशी मिलिट्री कार्रवाई का जोरदार विरोध करती हूं जिसमें इतने सारे आम नागरिकों की जान जाती हो.' 'मुझे नहीं लगता कि US सेना को बिना किसी बहाने के, लापरवाही से इस इलाके के सभी देशों के नुकसान की परवाह किए बिना ईरान पर बमबारी करनी चाहिए... मुझे लगता है कि कुल मिलाकर, यह एक बहुत बड़ी नाइंसाफी है और हमें इसे जितनी जल्दी हो सके खत्म करना चाहिए.'
नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाली एक जानी-मानी संस्था, नेशनल एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ कलर्ड पीपल यानी NAACP ने 25वें संशोधन का इस्तेमाल करके US राष्ट्रपति को पद से हटाने की मांग की है. यह एक अभूतपूर्व कदम है क्योंकि 1909 में इस संस्था की स्थापना के बाद से यह पहली बार है जब इसने इस तरह की कोई मांग की है.
NAACP के अध्यक्ष डेरिक जॉनसन ने एक बयान में कहा, 'यह राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य, बीमार और मानसिक रूप से अस्थिर हैं.'