अमेरिका में रहने वाले भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों पर समय-समय पर नस्लवादी टिप्पणियां होती रही हैं. इसी मुद्दे पर जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सवाल किया गया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे बयान देने वाले लोग हर देश में मौजूद होते हैं. उन्होंने पहले यह जानना चाहा कि आखिर यह टिप्पणी किसने की है. इसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका में भी कुछ ऐसे लोग हैं जो बिना वजह भड़काऊ और अपमानजनक बातें करते रहते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका की असली पहचान अलग-अलग संस्कृतियों को अपनाने और उन्हें आगे बढ़ाने की रही है.
मार्को रुबियो ने अपने बयान में भारतीय समुदाय की भूमिका को खास तौर पर सराहा. उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने अमेरिका को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया है. रुबियो के मुताबिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय शिक्षा, तकनीक, व्यापार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में लगातार बेहतर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका उन लोगों की मेहनत और प्रतिभा से आगे बढ़ा है जो दूसरे देशों से यहां आकर बसे और अमेरिकी समाज का हिस्सा बने. उनके इस बयान को भारतीय समुदाय के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. पिछले कुछ समय में भारतीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आई थीं, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आया.
'हर देश में ऐसे बेवकूफ लोग होते हैं, अमेरिका में भी हैं': अमेरिका में भारतीयों पर की जाने वाली नस्लवादी टिप्पणियों पर रुबियो
— RT Hindi (@RT_hindi_) May 24, 2026
भारतीयों और भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली नस्लवादी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने पहले पूछा- ये कमेंट किसने… pic.twitter.com/fwuSrg4GSc
रुबियो के बयान के बाद अमेरिका में नस्लवाद को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि भारतीयों और एशियाई मूल के लोगों को अक्सर ऑनलाइन और सार्वजनिक मंचों पर निशाना बनाया जाता है. हालांकि बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक ऐसे व्यवहार का विरोध भी करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया ने नफरत फैलाने वाले लोगों को ज्यादा जगह दी है. इसके बावजूद अमेरिका में बहुसांस्कृतिक समाज की सोच अब भी मजबूत मानी जाती है. रुबियो का बयान इसी सोच को मजबूत करने वाला माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों की सोच पूरे देश की पहचान नहीं हो सकती.
मार्को रुबियो ने अपने बयान के अंत में कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है. उन्होंने कहा कि यहां दुनिया के हर हिस्से से लोग आए और उन्होंने अपने काम से देश को नई दिशा दी. उनके मुताबिक कुछ लोगों की गलत सोच को पूरे समाज की सोच नहीं माना जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका आज भी उन लोगों के लिए अवसरों का देश है जो मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं. भारतीय समुदाय को लेकर दिए गए उनके इस बयान को कई लोग संतुलित और सकारात्मक संदेश के तौर पर देख रहे हैं.