नई दिल्ली: मंगलवार रात डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम घोषणा के कुछ घंटों बाद ईरान ने बड़े दावे किए हैं. तेहरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसे अमेरिका पर अपनी जीत बताया है. ईरान का कहना है कि उसके सैन्य और राजनीतिक दबाव के कारण अमेरिका को हमले रोकने पड़े. अब दोनों पक्ष दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं. ईरान ने 10 सूत्री व्यापक योजना भी पेश की है. तेहरान इसे रणनीतिक सफलता मान रहा है. हालांकि युद्धविराम को स्थायी शांति नहीं बल्कि एक अस्थायी विराम बताया गया है. अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो लड़ाई फिर शुरू हो सकती है.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि अमेरिका मजबूर होकर बमबारी अभियान रोकने को तैयार हुआ. तेहरान का दावा है कि उसने अमेरिका को अपनी 10 सूत्री योजना मानने पर विवश किया. युद्ध 40वें दिन तक चला और ईरान ने कभी समझौते की जल्दबाजी नहीं की.
परिषद के अनुसार अमेरिका एक महीने से अधिक समय से युद्धविराम चाह रहा था, लेकिन ईरान ने अपनी शर्तों पर अड़ा रहा. अंत में तेहरान के दबाव के आगे वाशिंगटन को झुकना पड़ा. ईरान इसे दुश्मन की हताशा और पछतावे के रूप में देख रहा है.
ईरान के इन बड़े दावों और 10 सूत्री योजना पर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है. व्हाइट हाउस ने सिर्फ युद्धविराम की घोषणा की है, बाकी बातचीत पर आगे की जानकारी देनी बाकी है.
ईरान इस युद्धविराम को अपनी सैन्य ताकत और कूटनीतिक समझदारी की जीत बता रहा है. तेहरान अब अपनी मांगों को मजबूती से रखते हुए आगे की बातचीत की तैयारी कर रहा है.
दो सप्ताह के इस विराम के दौरान अगर 10 सूत्री योजना पर ठोस सहमति बन गई तो मध्य पूर्व में लंबे समय तक शांति की उम्मीद जगेगी. लेकिन असफलता की स्थिति में तनाव फिर बढ़ सकता है.