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US Iran travel advisory: अमेरिका ने ईरान यात्रा को लेकर जारी की नई चेतावनी, विशेष रूप से ईरानी अमेरिकी नागरिकों को किया अलर्ट

US Iran travel advisory: अमेरिका ने ईरान यात्रा को लेकर एक नई चेतावनी जारी की है, विशेष रूप से ईरानी मूल के अमेरिकी नागरिकों को सतर्क करते हुए. इस चेतावनी में बताया गया कि ईरान दोहरी नागरिकता को नहीं मानता और अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लेने पर कांसुलर सेवाएं नहीं देता. यह चेतावनी ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच हालिया सैन्य टकरावों की पृष्ठभूमि में आई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
US Iran travel advisory: अमेरिका ने ईरान यात्रा को लेकर जारी की नई चेतावनी, विशेष रूप से ईरानी अमेरिकी नागरिकों को किया अलर्ट
Courtesy: Social Media

US Iran travel advisory: अमेरिका के विदेश विभाग ने ईरान यात्रा को लेकर एक नई चेतावनी जारी की है, जिसमें विशेष रूप से ईरानी मूल के अमेरिकी नागरिकों को सतर्क किया गया है. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने गुरुवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ईरान में अमेरिकी नागरिकों, खासकर दोहरी नागरिकता वाले लोगों, के लिए गंभीर खतरे हैं. इसके साथ ही विदेश विभाग ने एक नई वेबसाइट लॉन्च की है, जो ईरान यात्रा से जुड़ी खतरनाक स्थितियों के बारे में जागरूकता बढ़ाएगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रूस ने कहा, “ईरानी शासन दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों को कांसुलर सेवाएं देने से इनकार करता है. हालांकि बमबारी अब रुक गई है, इसका यह मतलब नहीं है कि ईरान यात्रा अब सुरक्षित है. यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है.”

यात्रा को लेकर चेतावनी

उन्होंने आगे बताया कि यह चेतावनी पहले से मौजूद यात्रा सलाहों को बदलती नहीं, बल्कि उन्हें और मजबूत करती है. उन्होंने कहा, “हमारी सलाह साफ है—ईरान की यात्रा न करें, खासकर वे लोग जो ईरानी मूल के हैं. यह आपके लिए गंभीर रूप से खतरनाक हो सकता है.”

इन देशों के बीच बढ़ता तनाव

अमेरिका, ईरान और इजराइल देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इसलिए यह चेतावनी खास ईरानी मुल्क के लोगों के लिए यह चेतावनी आई है. 13 जून को इजराइल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के तहत ईरान के नतांज और फोर्डो जैसे प्रमुख परमाणु स्थलों, मिसाइल केंद्रों और आईआरजीसी बेस पर हमले किए थे. ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और वैज्ञानिक इस हमले में मारे गए.

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर

इसके बाद अमेरिका ने 22 जून को “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत ईरान की परमाणु क्षमताओं को निशाना बनाया. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजराइल और क़तर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमले किए. तेहरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है.

बहाली को लेकर चिंता 

हालांकि इन घटनाओं के बीच दोनों पक्षों में बातचीत की संभावना भी बनी हुई है. अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक बैठक में कहा कि “ईरान बातचीत चाहता है” और “हमारी उनसे बैठक तय हो चुकी है.” ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियान ने भी अमेरिका से संवाद के लिए तत्परता जताई है, हालांकि उन्होंने भरोसा बहाली को लेकर चिंता जाहिर की है.