ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन की ओर से स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से तेल निकालने का फैसला किया है. ट्रंप के इस फैसले से यह समझा जा सकता है कि वैश्विक स्तर पर ईधन की समस्या बढ़ती जा रही है.
अमेरिका में पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, जिनपर काबू करने के लिए ट्रंप ने रिजर्व से तेल निकालने की इजाजत दे दी. हालांकि उन्होंने कहा कि इसे बाद में फिर से भर दिया जाएगा. लेकिन अभी के लिए इस फैसले को कई तरीकों से देखा जा रहा है. कुछ लोगों ने यह अनुमान लगाया है कि अमेरिका अभी इस जंग को खत्म करने के मूड में नहीं है.
ट्रंप ने ओहियो में एक स्थानीय टीवी चैनल WKRC लोकल 12 से बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि कितनी मात्रा में तेल निकाला जाएगा, इसपर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि इसके बाद में ऊर्जा विभाग ने घोषणा की कि अमेरिका 172 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल रिजर्व से निकालेगा. यह रिलीज अगले सप्ताह से शुरू होगी और करीब 120 दिनों में पूरी होगी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की आलोचना की थी, जब उन्होंने रिजर्व का इस्तेमाल किया था. लेकिन अब खुद यह कदम उठाकर वे कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप ने एक सभा में ऐलान किया कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने दुनिया भर के देशों के पेट्रोलियम रिजर्व से कुल 400 मिलियन बैरल तेल निकालने पर सहमति जताई है. यह आईईए के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रिलीज होगी.
ट्रंप ने कहा कि मुझे खुशी है कि आईईए ने रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल निकालने का फैसला किया है. इससे तेल की कीमतें काफी कम होंगी. उन्होंने कहा कि हम अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए इस खतरे को खत्म कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह प्लान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने के लिए है. आईईए के 32 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है. अमेरिका इसमें 172 मिलियन बैरल का योगदान देगा.