नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को केंटकी के हेब्रॉन में एक रैली में ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की जीत घोषित कर दी है. उन्होंने कहा कि शुरुआती हमलों के कुछ घंटों में ही फैसला हो गया था, लेकिन काम पूरा करने के लिए अमेरिकी फौजें अभी भी लगी रहेंगी.
ट्रंप ने ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाने का श्रेय दिया और कहा कि 58 जहाज तबाह हो चुके हैं. यह युद्ध दो हफ्ते पहले शुरू हुआ था, जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु कार्यक्रम पर हमले किए गए थे. ट्रंप ने तेल कीमतों पर भी बात की और रिजर्व का इस्तेमाल करने का संकेत दिया.
ट्रंप ने समर्थकों से कहा कि जीत बहुत जल्दी मिल गई, लेकिन इसे समय से पहले कहना ठीक नहीं होता. उन्होंने जोर देकर बताया 'हम जीत चुके हैं, पहले घंटे में ही सब खत्म हो गया था'. अमेरिकी सेनाओं ने ईरान की समुद्री ताकत को बुरी तरह कुचला है, जिससे तेहरान की सैन्य क्षमता कमजोर हो गई है.
ट्रंप ने सैन्य अभियान के नाम पर मजाकिया अंदाज में बात की. उन्होंने बताया कि कई नाम सुझाए गए थे, लेकिन वे बोरिंग लगे. फिर 'एपिक फ्यूरी' पर नजर पड़ी और उन्होंने तुरंत पसंद कर लिया. 'अगर जीत मिले तो नाम अच्छा लगता है, और हम जीत चुके हैं,' कहकर उन्होंने तालियां बटोरीं.
यह संघर्ष मध्य पूर्व में छाया हुआ है, जो ईरान के सैन्य ढांचे और परमाणु सुविधाओं पर हमलों से शुरू हुआ. ट्रंप ने जीत का दावा किया, लेकिन कहा कि अमेरिका जल्दबाजी में नहीं हटेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि 'हमें काम पूरा करना है'. साथ ही, ईरान में अब कुछ निशाने बचे ही नहीं हैं.
ट्रंप ने ओहियो में पत्रकारों से कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के शीर्ष नेताओं को दो बार खत्म किया है. अब नया नेतृत्व उभर रहा है, देखते हैं क्या होता है. सिनसिनाटी के टीवी इंटरव्यू में उन्होंने तेल कीमतों पर चिंता जताई और स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से राहत देने का वादा किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि 'जल्दी सब सामान्य हो जाएगा.'