नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुजतबा खामेनेई ने लेबनान के सशस्त्र गुट हिजबुल्लाह की इजराइल के खिलाफ सख्त मुकाबले की तारीफ की है. उन्होंने हिजबुल्लाह के साहस को दुनिया भर के दबे-कुचले लोगों के लिए उम्मीद और आजादी का प्रतीक बताया. खामेनेई ने एक्स पर हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नैम कासेम और उनके लड़ाकों के पत्र का जवाब दिया.
उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि हिजबुल्लाह इजराइल की क्रूर आक्रामकता के सामने अटल चट्टान की तरह खड़ा रहा है. उन्होंने कहा, “आज जब पूरी दुनिया अमेरिका की ज्यादतियों और अपराधी जियोनिस्टों (इजराइल) से थक चुकी है, तो आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता जिहाद और प्रतिरोध ही है.”
Today, as the nations of the world have grown weary of the tyranny and oppression of the US government and the criminal Zionists, who are the destroyers of lives and generations, there remains no path forward except jihad and resistance.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) July 26, 2026Also Read
खामेनेई ने हिजबुल्लाह के संघर्ष को दुनिया के आजाद देशों के लिए प्रेरणादायक संदेश बताया. उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के कमांडर और लड़ाके इस्लामी सिद्धांतों, कुरान की शिक्षाओं और इमाम खुमैनी तथा पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की विरासत पर चल रहे हैं.
[The Islamic Republic of Iran] has designated the preservation of Lebanon’s territorial integrity, and the absolute, unconditional termination of the Zionist regime’s aggression as the primary condition for any agreement to ending the imposed war against the aggressive US.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) July 26, 2026
खामेनेई ने साफ किया कि ईरान हिजबुल्लाह और लेबनान की रक्षा को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ कोई भी समझौता लेबनान पर इजराइल के हमलों को रोकने का प्रावधान जरूर शामिल करे. उन्होंने दक्षिणी लेबनान के लोगों की बहादुरी की तारीफ की और शहीद हुए हिजबुल्लाह लीडर सय्यद हसन नसरल्लाह समेत अन्य कमांडरों को श्रद्धांजलि दी.
खामेनेई ने कहा कि हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने इस संगठन को एक छोटे पौधे से विशाल पेड़ में बदल दिया है. उनकी मेहनत से लेबनान को इस्लामी दुनिया में सम्मान मिला है.