यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए हमले के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. मर्चेंट जहाज एमवी एजीएन रैगनार पर चार भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे. भारतीय दूतावास ने बताया है कि इनमें से दो लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बाकी दो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.
भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज पर मौजूद चार भारतीय नागरिकों में से दो सुरक्षित हैं. बाकी दो लोगों के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. दूतावास ने कहा कि राहत और बचाव अभियान जारी है और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि सभी लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सके.
हमले के बाद भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन (+380933559958) और ईमेल ([email protected], [email protected]) सुविधा उपलब्ध कराई है. दूतावास ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक तुरंत संपर्क कर सकते हैं. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
ओडेसा यूक्रेन के काला सागर तट पर स्थित सबसे बड़ा बंदरगाह है. फरवरी 2022 में शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह इलाका कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है. लगातार हो रहे हमलों का असर समुद्री व्यापार और बंदरगाह की गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है.
भारत सरकार पहले ही अपने नागरिकों को यूक्रेन की यात्रा से बचने की सलाह दे चुकी है. संघर्ष की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार सतर्कता बरतने पर जोर दे रही है. भारतीय दूतावास ने दोहराया कि वह यूक्रेन में मौजूद भारतीयों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है.