नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ओमान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर मस्कट (ओमान की राजधानी) ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण वाले किसी समझौते में दखल देगा, तो अमेरिका उन पर बमबारी कर देगा. बता दें कि जून में हुआ 60 दिन का समझौता अब खत्म होने वाला है. यह समझौता पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने की बातचीत के लिए था.
ट्रंप ने साफ कहा, “अगर ओमान बीच में आता है, तो हम उन पर बमबारी कर देंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को सफेद झंडा उठाकर आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. साथ ही उन्होंने बताया कि उनके पास कोई तय समयसीमा नहीं है और वे जल्दबाजी में नहीं हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. इससे दुनिया का बहुत सारा तेल गुजरता है. ईरान और ओमान इस रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं.
ईरान और ओमान कई हफ्तों से तकनीकी बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के लिए संयुक्त शिपिंग रूट मैप भी तैयार कर लिया है. यह चर्चा ईरान-अमेरिका समझौते के तहत शुरू हुई थी, जिसमें तेहरान और मस्कट को नया नेविगेशन ढांचा बनाने का काम दिया गया था.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि बातचीत जारी है. देरी की वजह मुद्दे की जटिलता, कई पक्षों की भागीदारी और कुछ दुश्मन पक्षों की कोशिशें हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज में असुरक्षा अमेरिका की अवैध सैन्य कार्रवाई की वजह से आई थी. बातचीत का मकसद दोनों तटीय देशों की संप्रभुता और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी ईरानी सरकार पर नया आर्थिक दबाव डाल रही है. उन्होंने ईरानियों को “अच्छे पोकर प्लेयर” बताया लेकिन कहा कि वे “मर रहे हैं”. नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का उनके फैसले से कोई लेना-देना नहीं है. पश्चिम एशिया में अमेरिकी हथियारों के स्टॉक के बारे में ट्रंप ने कहा, “अभी तक हमने जो इस्तेमाल किया है, वह मूंगफली के बराबर है.”
ट्रंप की इस सख्त टिप्पणी से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. ईरान-ओमान बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका की चेतावनी के बाद स्थिति और जटिल हो सकती है. दुनिया भर के देश होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. ट्रंप का यह बयान साफ करता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करने वाला.