नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान संघर्ष के 21वें दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला 'एग्जिट प्लान' साझा किया. 'ट्रुथ सोशल' पर प्रकाशित एक विस्तृत पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के बेहद करीब है और अब मध्य पूर्व में चल रहे अपने प्रमुख सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहा है.
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने उन उपलब्धियों को गिनाया जिन्हें वह जीत का आधार मानते हैं. उन्होंने कहा, 'हमने ईरान की मिसाइल क्षमताओं, रक्षा औद्योगिक आधार, नौसेना और वायु सेना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है.' ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने के करीब न पहुंच पाए.
U.S President Donald Trump posted on Truth Social, "We are getting very close to meeting our objectives as we consider winding down our great Military efforts in the Middle East with respect to the Terrorist Regime of Iran: (1) Completely degrading Iranian Missile Capability,… pic.twitter.com/0WVg8DM4b0
— IANS (@ians_india) March 20, 2026
इस घोषणा के दौरान ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कुवैत—की सुरक्षा सुनिश्चित की है और भविष्य में भी उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
ट्रंप के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' की सुरक्षा से संबंधित था. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो देश अपने तेल और व्यापार के लिए इस समुद्री मार्ग का उपयोग करते हैं, उन्हें अब इसकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो अमेरिका सहायता प्रदान कर सकता है, लेकिन इस कार्य की प्राथमिक जिम्मेदारी अन्य देशों पर होनी चाहिए.
ट्रंप ने तर्क दिया, 'अमेरिका इस मार्ग का उपयोग नहीं करता है, इसलिए अन्य देशों को आगे आना चाहिए.' उन्होंने इसे उन देशों के लिए एक आसान सैन्य अभियान बताया और कहा कि एक बार जब ईरान से उत्पन्न खतरा समाप्त हो जाएगा, तो अमेरिका की प्राथमिक भूमिका की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसके माध्यम से भारी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन किया जाता है. हाल के हफ्तों में इस क्षेत्र में हुए हमलों और बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित किया है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संघर्ष शुरू हुए लगभग तीन सप्ताह बीत चुके हैं और क्षेत्र में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है.