मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक और बड़ी घटना ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत ने युद्ध के समीकरण बदल दिए हैं. खास बात यह है कि उनकी हत्या उस बयान के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने दुश्मनों के लिए “सरप्राइज” की चेतावनी दी थी. इस घटनाक्रम ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को और गहरा कर दिया है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, अली मोहम्मद नैनी ने दावा किया था कि ईरान की मिसाइल क्षमता मजबूत है और युद्ध के दौरान भी उत्पादन जारी है. उन्होंने कहा था कि दुश्मनों के लिए चौंकाने वाले कदम उठाए जाएंगे. लेकिन उसी दिन सुबह हुए हमलों में उनकी मौत हो गई, जिसे ईरान ने अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई बताया है.
इस सप्ताह ईरान के लिए यह चौथा बड़ा झटका है. अली लारिजानी, घोलमरेजा सुलेमानी और इस्माइल खतीब जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की भी हालिया हमलों में मौत हो चुकी है. इससे ईरान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व संरचना पर गहरा असर पड़ा है.
संघर्ष अब ऊर्जा संसाधनों तक फैल गया है. दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र और कतर के रास लाफान एलएनजी प्लांट पर हमलों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने ऐसे हमले जारी रखे, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी और हमलों के संकेत दिए हैं. लगातार हो रहे हमले और जवाबी कार्रवाई इस बात का संकेत हैं कि यह संघर्ष जल्द खत्म होने वाला नहीं है. क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.