नई दिल्ली: हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई के बाद दुनिया भर में चर्चा छिड़ गई है. अगर यह तनाव पूर्ण युद्ध में बदल जाए तो क्या वेनेजुएला की सेना अमेरिका जैसी सुपरपावर के सामने कितने समय तक लड़ सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक युद्ध में वेनेजुएला ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा क्योंकि दोनों देशों की सैन्य क्षमता में बहुत बड़ा अंतर है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार अमेरिका दुनिया की नंबर एक सैन्य शक्ति है, जबकि वेनेजुएला 50वें स्थान पर है. आंकड़े बताते हैं कि तकनीक, संसाधन और बजट के मामले में अमेरिका कहीं आगे है.
ग्लोबल फायरपावर की 2025 रिपोर्ट में 145 देशों की सैन्य ताकत का आकलन किया गया है. इसमें अमेरिका का पावर इंडेक्स स्कोर 0.0744 है, जो सबसे कम और सबसे मजबूत है. वहीं वेनेजुएला का स्कोर 0.8882 है, जो 50वें रैंक पर रखता है.
यह अंतर साफ दिखाता है कि पारंपरिक लड़ाई में वेनेजुएला अमेरिका के मुकाबले बहुत पीछे है. रिपोर्ट में मानवबल, हथियारों की संख्या, तकनीक, बजट और भौगोलिक स्थिति जैसे 60 से ज्यादा फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है.
वेनेजुएला की सेना को नेशनल बोलिवेरियन आर्म्ड फोर्सेस कहा जाता है. इसमें करीब 1 लाख 9 हजार सक्रिय सैनिक हैं. रिजर्व फोर्स में 8 हजार के आसपास जवान हैं. अगर मिलिशिया और अर्धसैनिक बलों को मिला दें तो कुल संख्या 3 लाख से ज्यादा हो सकती है.
हालांकि, आर्थिक संकट और रखरखाव की कमी से सेना की तैयारियां कमजोर हैं.वायुसेना और हवाई ताकतवेनेजुएला के पास कुल 229 सैन्य विमान हैं. ज्यादातर पुराने रूसी मॉडल जैसे Su-30 हैं. स्टेल्थ फाइटर या आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमी है.
थलसेना में 172 टैंक और करीब 8,800 बख्तरबंद वाहन हैं. ये भी ज्यादातर पुरानी तकनीक वाले हैं और पूरी तरह तैयार नहीं रहते. नौसेना में सिर्फ 34 युद्धपोत हैं. कोई बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर या परमाणु पनडुब्बी नहीं है. ज्यादातर छोटे जहाज तट रक्षा के लिए हैं.
वेनेजुएला का रक्षा बजट करीब 4 अरब डॉलर के आसपास है. आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से नई तकनीक खरीदना या पुरानी मशीनों का रखरखाव मुश्किल हो गया है.
अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत सेना रखता है. सक्रिय सैनिकों की संख्या 13 लाख से ज्यादा है. रिजर्व मिलाकर यह 20 लाख के करीब पहुंच जाती है. अमेरिकी वायुसेना के पास 13 हजार से ज्यादा विमान हैं, जिनमें F-22 और F-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर शामिल हैं. नौसेना में 440 युद्धपोत हैं, जिसमें 11 परमाणु शक्ति वाले एयरक्राफ्ट कैरियर हैं. परमाणु पनडुब्बियां और लंबी दूरी की मिसाइलें समुद्र पर पूरा नियंत्रण देती हैं.
अमेरिका के पास परमाणु हथियारों का बड़ा भंडार है. सैटेलाइट, साइबर क्षमता और दुनिया भर में फैले सैन्य अड्डे उसे हर तरह की जंग में फायदा देते हैं. रियल-टाइम खुफिया जानकारी और तेज निर्णय लेने की क्षमता अमेरिका को मजबूत बनाती है. अमेरिका का रक्षा बजट 895 अरब डॉलर के करीब है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. इससे नई तकनीक और ट्रेनिंग पर भारी निवेश होता है.
अगर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सीधी जंग होती है तो पारंपरिक लड़ाई में वेनेजुएला जल्दी हार मान सकता है. अमेरिका की हवाई और समुद्री ताकत से वेनेजुएला की रक्षा जल्दी टूट सकती है. वेनेजुएला के पास गुरिल्ला लड़ाई या असममित युद्ध की रणनीति हो सकती है, जहां जंगल और शहरों में लंबा संघर्ष किया जाए.