नई दिल्ली: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव के बीच एक अहम हिंदू उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोक दिए जाने का मामला सामने आया है. गोपालगंज-3 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन करने वाले गोबिंद चंद्र प्रमाणिक का पर्चा शनिवार को रिटर्निंग अधिकारी ने खारिज कर दिया. यह सीट 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव में मतदान के लिए जानी है. इसी सीट से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सांसद रह चुकी हैं. इस क्षेत्र में करीब 50 प्रतिशत से अधिक मतदाता हिंदू समुदाय से हैं.
गोबिंद चंद्र प्रमाणिक बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोट के महासचिव भी हैं. यह संगठन खुद को गैर राजनीतिक बताता है और 23 हिंदू संगठनों का एक गठबंधन माना जाता है. प्रमाणिक ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था. बांग्लादेश के चुनाव कानून के अनुसार निर्दलीय उम्मीदवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक प्रतिशत मतदाताओं के हस्ताक्षर जमा करने होते हैं. रिटर्निंग अधिकारी ने इसी प्रावधान का हवाला देकर नामांकन खारिज किया.
प्रमाणिक का कहना है कि उन्होंने जरूरी एक प्रतिशत मतदाताओं के हस्ताक्षर जुटा लिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर करने वाले लोगों को धमकाया. आरोप है कि इन लोगों से कहा गया कि वे रिटर्निंग अधिकारी के सामने जाकर यह कहें कि उनसे जबरन या गलत तरीके से हस्ताक्षर लिए गए थे. इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने हस्ताक्षरों को अमान्य बताते हुए नामांकन रद्द कर दिया.
प्रमाणिक ने कहा कि उन्होंने निर्दलीय के रूप में इसलिए चुनाव लड़ने का फैसला किया क्योंकि उन्हें जमीनी समर्थन मिल रहा था. उन्होंने बताया कि गोपालगंज में लगभग तीन लाख मतदाता हैं जिनमें से 51 प्रतिशत हिंदू हैं. उनके अनुसार विपक्षी दल को हार का डर था इसलिए इस तरह की रणनीति अपनाई गई.
प्रमाणिक ने यह भी कहा कि उन्होंने हस्ताक्षरों के समर्थन में हलफनामे जमा किए थे लेकिन अधिकारी ने उन्हें स्वीकार नहीं किया. अब वह चुनाव आयोग में अपील दायर करेंगे और जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय भी जाएंगे.
इस सीट पर एक और हिंदू उम्मीदवार दुलाल बिस्वास का नामांकन भी रोका गया. वह गोनो फोरम नामक पंजीकृत दल के उम्मीदवार हैं इसलिए एक प्रतिशत हस्ताक्षर का नियम उन पर लागू नहीं था. कागजात की कमी के कारण उनका आवेदन रोका गया और उन्हें दोबारा दस्तावेज जमा करने का मौका मिला.
वहीं पास की गोपालगंज-2 सीट से निर्दलीय हिंदू उम्मीदवार उत्पल बिस्वास चुनाव मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि वह किसानों और कमजोर वर्गों के बीच काम करते रहे हैं और उन्हें जनता के समर्थन की उम्मीद है.