नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान मौजूदा दो हफ्ते के सीजफायर जल्द ही खत्म होने वाला है. खबरों के अनुसार, इसे बढ़ाने के लिए इनडायरेक्ट बातचीत कर सकते हैं. बता दें कि सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर एक्टिव भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शांति की पहल को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान का दौरा कर रहे हैं.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका ने सीजफायर को बढ़ाने के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है, लेकिन वह बातचीत में पूरी तरह से शामिल है. इसके साथ ही कहा कि बातचीत का दूसरा दौर जल्द ही इस्लामाबाद में होने की पूरी संभावना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कोई अंतिम समझौता हो सकता है.
पाकिस्तान दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहा है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति प्रयासों के लिए और ज्यादा समर्थन जुटाने के लिए सऊदी अरब, कतर और तुर्की का दौरा कर रहे हैं. इस बीच, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात की. हालांकि, अभी भी बड़े मतभेद बने हुए हैं.
ईरान चाहता है कि सीजफायर में लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमले और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना भी शामिल हो. इजरायल और अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है. इजरायल हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखे हुए है. उसके सेना प्रमुख का कहना है कि वे दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा क्षेत्र बना रहे हैं.
अमेरिका ने तेहरान पर दबाव बढ़ाने के लिए ईरानी बंदरगाहों पर पहले ही नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में व्यापार को रोकने की धमकी दी है. इन सभी चुनौतियों के बावजूद, ट्रंप आशावादी बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि युद्ध बहुत जल्द खत्म हो सकता है और एक बार समझौता हो जाने पर तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी.