नई दिल्ली: पाकिस्तान ने रविवार देर रात अफगानिस्तान से लगी सीमा पर हमले किए. इन हमलों में 29 लोग मारे गए. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई. मंत्री ने कहा कि हाल ही में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में हुए आतंकी हमलों के जवाब में यह हमला किया गया.
इन हमलों में पाकिस्तानी रेंजर्स और आम लोगों को निशाना बनाया गया था. पाकिस्तान का कहना है कि हमले का निशाना ‘जमात-उल-अहरार’ नामक चरमपंथी गुट था. यह गुट ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) से जुड़ा माना जाता है. हमले में जमीनी कार्रवाई भी शामिल थी.
🚨 A few minutes ago, Pakistan’s security forces hit back hard. Precision airstrikes were carried out in Afghanistan’s Zamkana district, Paktia, with jets roaring overhead and explosions echoing across the area.
According to Pakistan’s Ministry of Information, our forces… pic.twitter.com/71NHoM7mfW— Regional insight (@Regional_Asia) June 28, 2026Also Read
शनिवार रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में पाकिस्तान सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर हमला हुआ. इस हमले में 3 पाकिस्तानी सैनिक शहीद हो गए और 3 आतंकी मारे गए. आतंकियों ने अपनी गाड़ी से मुख्य गेट को तोड़ने की कोशिश की थी.
पाकिस्तान पिछले कई महीनों से अफगानिस्तान पर हवाई हमले कर रहा है. इस्लामाबाद का आरोप है कि तालिबान सरकार TTP जैसे आतंकी संगठनों को पनाह दे रही है. काबुल में बैठी तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. उसका कहना है कि पाकिस्तान के हमलों में आम अफगानी नागरिक मारे गए हैं. पिछले साल अक्टूबर से दोनों देशों के बीच सीमा ज्यादातर बंद है, जिससे व्यापार भी ठप हो गया है.
यह हमला एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव को बढ़ाता है. पाकिस्तान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहा है. वहीं अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बता रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों को बातचीत के जरिए समस्या सुलझानी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो.