अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों ने फिलहाल सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति जताई है और मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में उच्चस्तरीय वार्ता करने का निर्णय लिया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होर्मुज से जुड़े विवादों का समाधान तलाशना है.
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने युद्धविराम की स्थिति को कमजोर कर दिया था. ऐसे में यह बैठक दोनों पक्षों के लिए विश्वास बहाली और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम प्रयास मानी जा रही है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने फिलहाल सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई और आक्रामक गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनाई है. इसके तहत समुद्री क्षेत्र में भी तनाव कम करने की कोशिश की जाएगी ताकि व्यापारिक जहाज बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से आवाजाही कर सकें.
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रहने तक दोनों पक्ष संयम बरतेंगे. इससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी आकस्मिक टकराव से बचने में मदद मिलने की उम्मीद है. प्रस्तावित बैठक पहले मंगलवार को स्विट्जरलैंड में आयोजित की जानी थी, जहां ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा का कार्यक्रम तय था. हालांकि, सप्ताहांत में हुई नई सैन्य झड़पों के बाद बैठक का स्थान बदलकर दोहा कर दिया गया. अब वार्ता का मुख्य फोकस होर्मुज में समुद्री यातायात और उससे जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर रहेगा.
ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि होर्मुज में समुद्री यातायात के समन्वय का विशेष अधिकार उसके पास होना चाहिए. तेहरान का कहना है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय करना होगा. दूसरी ओर अमेरिका का मानना है कि यह मांग पहले बनी सहमति के दायरे से आगे की है. इसी कारण दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं.
दोनों देश अभी अंतरिम शांति समझौते की कई शर्तों पर अंतिम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं. समझौते के तहत ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी में ढील देने की सहमति जताई थी.