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India Daily

'हार्मुज खुला रखो, यूरेनियम बंद करो', ट्रंप ने ईरान को दी शांति की पेशकश; रखा 15 सूत्रीय प्लान

अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेजी है. इसमें हार्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने, यूरेनियम बढ़ाना बंद करने और सभी प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव है. पाकिस्तान के माध्यम से भेजी गई इस योजना पर एक महीने का युद्धविराम भी शामिल है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'हार्मुज खुला रखो, यूरेनियम बंद करो', ट्रंप ने ईरान को दी शांति की पेशकश; रखा 15 सूत्रीय प्लान
Courtesy: grok

नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका ने एक व्यापक 15 सूत्री योजना तैयार की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा गया है. योजना में हार्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त पाबंदी और सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की बात कही गई है. इजरायल की मीडिया ने भी इस योजना की पुष्टि की है.

ट्रंप की 15 सूत्री शांति योजना

ट्रंप प्रशासन ने ईरान को जो 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा है, उसमें सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि ईरान अपनी जमीन पर यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद कर दे और पहले से संवर्धित सामग्री अमेरिका या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सौंप दे. इसके अलावा हार्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुला रखना होगा, ताकि दुनिया का 20% तेल बिना रुकावट गुजर सके. 

ईरान को मिलने वाले फायदे

योजना के मुताबिक, इन शर्तों को मानने पर ईरान को सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे. इसके अलावा ईरान को बूशहर में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी विकसित करने में मदद भी दी जाएगी. दोनों पक्ष एक महीने के युद्धविराम की घोषणा करेंगे, जिस दौरान इस योजना पर विस्तार से बातचीत होगी.

पाकिस्तान की मध्यस्थता

यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को भेजा गया है. पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी. इजरायल की चैनल 12 ने भी इस योजना की जानकारी दी है. फिलहाल व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.

क्या होगा आगे का रास्ता

ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि वे ईरान के साथ कूटनीति को लेकर आशान्वित हैं. हालांकि योजना में ईरान में सरकार बदलने की कोई बात नहीं कही गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो मध्य पूर्व में जंग खत्म होने की राह खुल सकती है, लेकिन फिलहाल ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार है.