मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने अभी पांच दिनों के लिए युद्ध विराम का ऐलान किया है, लेकिन इसी बीच उन्होंने एक बड़ा कदम उठाते हुए 82वीं एयरबोर्न डिवीजन एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है.
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक इस तैनाती में फर्स्ट ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की एक बटालियन शामिल होगी. साथ ही डिवीजन कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमीयर और प्रमुख स्टाफ सदस्य भी जाएंगे. 82वीं एयरबोर्न डिवीजन को अमेरिकी सेना की Rapid Response Force के रूप में जाना जाता है. सैनिकों का यह ग्रुप 18 घंटे के अंदर पैराशूट से उतरकर हवाई क्षेत्रों और रणनीतिक ठिकानों को सुरक्षित करने में विशेषज्ञ है.
अमेरिका की सुरक्षा में तैनात मरीन और एयरबोर्न सैनिकों की अलग-अलग भूमिका होती है. मरीन इकाइयां मुख्य रूप से दूतावासों की सुरक्षा, नागरिकों की निकासी और मानवीय सहायता के लिए जानी जाती है. वहीं एयरबोर्न सैनिक संघर्ष वाले इलाकों में हवाई हमले और रणनीतिक क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए जाने जाते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा उठाया जा रहा यह कदम ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों पर संभावित कार्रवाई के लिए हो सकता है. हालांकि दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, जिसके अच्छे परिणाम आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है. हालांकि ईरान ने ट्रंप के इन दावों को खारिज कर दिया है. तेहरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं की जा रही है.
इजरायल और ईरान दोनों इस युद्ध से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. वहीं अमेरिका अलग-अलग बयान दे रहा है. अभी के लिए युद्ध विराम का ऐलान है, ट्रंप की ओर से कहा गया है कि पांच दिनों तक तेहरान के किसी भी पावर प्लांट को निशाना नहीं बनाया जाएगा. इस दौरान समझौते के लिए बातचीत की जा रही है. हालांकि दूसरी तरफ अपनी सेना को भी उतारने की तैयारी कर रहे हैं.
ईरान ने साफ कहा है कि वह इस युद्ध से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. इतना ही नहीं यह भी कहा गया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं की जा रही है. ऐसे में ट्रंप के इन बयानों से स्थिति समझ नहीं आ रही है. कुछ लोगों को ऐसा लग रहा है कि ट्रंप पांच दिनों का ब्रेक लेकर ईरान पर हमले का मैप तैयार कर रहे हैं. जिसमें ईरान को चारों तरफ से घेरने की प्लानिंग की जा रही है. हालांकि अभी आधिकारिक रूप से कोई भी जानकारी नहीं दी गई है.