menu-icon
India Daily

ट्रंप के राज में क्या हो रहा है....अमेरिकी मिलिट्री बेस में संदिग्ध सफेद पाउडर, कई पड़े बीमार

अमेरिका के जॉइंट बेस एंड्र्यूज में संदिग्ध सफेद पाउडर मिलने से कई लोग बीमार पड़ गए. इमारत खाली कराई गई और हजमैट टीम ने क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया. जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी खतरे की पुष्टि नहीं हुई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Joint Base Andrews in Maryland India daily
Courtesy: @WarFrontWitness x account

नई दिल्ली: अमेरिका के मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में एक संदिग्ध सफेद पाउडर मिलने से हड़कंप मच गया. इस घटना में कई लोग बीमार पड़ गए और पूरे बेस को एहतियातन खाली करा लिया गया. यह घटना तब हुई जब एक व्यक्ति ने संदिग्ध पैकेज खोला, जिसमें यह सफेद पाउडर पाया गया.

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संदिग्ध पैकेज खुलने के तुरंत बाद बेस के एक भवन को खाली करा लिया गया. यह इमारत एयर नेशनल गार्ड रेडीनेस सेंटर से जुड़ी हुई थी. घटना की सूचना मिलते ही हजमैट और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं. जॉइंट बेस एंड्र्यूज प्रशासन ने बयान जारी कर बताया कि मौके पर भेजी गई टीमों ने प्रारंभिक जांच के बाद पुष्टि की कि कोई तत्काल खतरा नहीं है फिर भी एहतियात के तौर पर आसपास के सभी भवन खाली करा लिए गए और क्षेत्र को घेर लिया गया.

जांच में क्या आया सामने?

बयान में कहा गया, 'जॉइंट बेस एंड्र्यूज के पहले रिस्पॉन्डर्स ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कोई तत्काल खतरा नहीं पाया. इसके बाद मामला ऑफिस ऑफ स्पेशल इन्वेस्टिगेशन (OSI) को सौंप दिया गया. जांच फिलहाल जारी है.'

कैसी है लोगों की स्थिति?

घटना के बाद कई लोगों को माल्कम ग्रो मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है. हजमैट टीम ने जांच के दौरान इलाके को गुरुवार शाम तक सुरक्षित घोषित कर दिया, हालांकि प्रभावित कमरों को सील कर दिया गया है ताकि आगे की जांच पूरी की जा सके.

क्या इस घटना के पीछे की वजह?

फिलहाल अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि कितने लोग बीमार हुए और उनकी हालत कैसी है. जांच टीमें उस पाउडर के रासायनिक स्वरूप और स्रोत का पता लगा रही हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई राजनीतिक या संगठित संदेश छिपा हो सकता है.

कौन-कौन से लोग करते हैं इस्तेमाल?

जॉइंट बेस एंड्र्यूज अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य ठिकाना है, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाता है. खास बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बुधवार को इसी बेस से फ्लोरिडा के लिए उड़ान भरने आए थे. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रंप की यात्रा और इस घटना के बीच कोई संबंध नहीं है.