नई दिल्ली: नैन्सी पेलोसी जो अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की पहली महिला स्पीकर हैं उन्होंने घोषणा की है कि वह 2026 के चुनावों में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनेंगी. उन्होंने कहा कि वह अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा करेंगी और फिर धीरे-धीरे राजनीति से संन्यास लेंगी. पेलोसी ने करीब 40 वर्षों तक कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और अमेरिकी राजनीति में महिलाओं की सशक्त उपस्थिति का प्रतीक बनीं.
पेलोसी ने अमेरिकी राजनीति में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज कीं. उन्होंने 2007 से 2011 और फिर 2019 से 2023 तक दो बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर के रूप में कार्य किया. उनके नेतृत्व में बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान अफोर्डेबल केयर एक्ट और डोड-फ्रैंक वित्तीय सुधार जैसे अहम विधेयक पारित हुए. वह डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत स्तंभ रहीं और रिपब्लिकन नीतियों के खिलाफ दृढ़ता से खड़ी रहीं.
अपने वीडियो संदेश में पेलोसी ने कहा, 'मेरे शहर सैन फ्रांसिस्को के लिए मेरा संदेश है, अपनी शक्ति को पहचानो. हमने इतिहास रचा है, प्रगति की है और आगे भी बढ़ते रहेंगे.' उन्होंने लोगों से लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि अब समय है कि हम अपने आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए पूरी निष्ठा से लड़ें.
हालांकि, पेलोसी के संन्यास की घोषणा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विवादास्पद टिप्पणी की और कहा, 'आखिरकार दुष्ट महिला से मुक्ति मिल गई.' ट्रंप ने कहा कि वह पेलोसी के राजनीति छोड़ने से खुश हैं. यह बयान उनके लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक टकराव को फिर उजागर करता है.
गौरतलब है कि पेलोसी ने अपने कार्यकाल के दौरान ट्रंप के खिलाफ दो बार महाभियोग प्रक्रिया चलाई थी. पहली बार यूक्रेन मामले में और दूसरी बार 6 जनवरी 2021 को कैपिटोल हिल दंगों के बाद. इसी वजह से दोनों नेताओं के बीच वर्षों से कटु संबंध बने रहे. पेलोसी के संन्यास से डेमोक्रेटिक पार्टी में नई नेतृत्व पीढ़ी के उभरने का रास्ता खुल सकता है. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी विदाई अमेरिकी संसद में महिला नेतृत्व के एक युग के अंत की तरह है. पेलोसी का योगदान न केवल उनकी पार्टी बल्कि पूरे अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज रहेगा.