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India Daily

होर्मुज को फिर से खोलने से लेकर परमाणु डील तक...अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर आज किन-किन मुद्दों पर हो सकती है बात? जानें

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते में 60 दिन का युद्धविराम विस्तार, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और भविष्य में परमाणु वार्ताओं का रास्ता तैयार करना शामिल हो सकता है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
होर्मुज को फिर से खोलने से लेकर परमाणु डील तक...अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर आज किन-किन मुद्दों पर हो सकती है बात? जानें
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही कूटनीतिक बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन यानी MoU पर रविवार को इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है. यह समझौता मौजूदा युद्धविराम को आगे बढ़ाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भविष्य की वार्ताओं का रास्ता तैयार कर सकता है.

अप्रैल की शुरुआत से लागू नाजुक युद्धविराम के बाद अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए कई देशों ने मध्यस्थता की है. पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे थे कि समझौता जल्द होने वाला है. अब संबंधित पक्षों के बयानों से भी संकेत मिल रहे हैं कि बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.

पीएम शहबाज शरीफ ने क्या कहा?

पाकिस्तान ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अगले 24 घंटों में समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है और इसके तुरंत बाद इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की वार्ताएं शुरू होंगी.

रिपोर्टों में क्या आया सामने?

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ एक वर्चुअल बैठक में शामिल हो सकते हैं. प्रस्तावित समझौते में युद्धविराम को 60 दिनों तक बढ़ाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और परमाणु मुद्दे पर वार्ता शुरू करने का प्रावधान शामिल बताया जा रहा है.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर क्या कहा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा. यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. संघर्ष के दौरान इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से ऊर्जा बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था.

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?

हालांकि ईरान ने समझौते के समय को लेकर कुछ सावधानी बरती है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि हस्ताक्षर अगले ही दिन होना तय नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना काफी अधिक है.

वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी हाल ही में कहा था कि समझौता पहले से कहीं ज्यादा करीब है. हालांकि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अभी भी सबसे संवेदनशील विषय बना हुआ है.

रिपोर्टों में क्या आया सामने?

कुछ रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान मसौदा मुख्य रूप से युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है और फिलहाल परमाणु मुद्दे को अलग रखा गया है. दूसरी ओर कुछ सूत्रों का कहना है कि युद्धविराम बढ़ने के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक बातचीत शुरू की जाएगी.

इस बीच आगामी G7 शिखर सम्मेलन में भी युद्ध के बाद की व्यवस्थाओं और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा होने की उम्मीद है. यदि समझौता सफलतापूर्वक हो जाता है तो यह मध्य पूर्व में शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा.