ब्राजील के साओ पाउलो में बंजी जंपिंग के दौरान एक 21 वर्षीय महिला एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास की दर्दनाक मौत हो गई. बंजी जंपिंग स्टाफ की एक बड़ी लापरवाही ने उस महिला की जान ले ली. दरअसल, स्टाफ ने सुरक्षा रस्सी लगाए बिना ही उस महिला को 130 फीट की ऊंचाई से नीचे फेंक दिया.
घटना साओ पाउलो राज्य के स्केलेटन ब्रिज पर आयोजित एक निजी बंजी जंप गतिविधि के दौरान हुई. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, मारिया को पुल के किनारे तक ले जाया गया और फिर छलांग के लिए छोड़ दिया गया लेकिन कुछ ही सेकंड बाद लोगों को एहसास हुआ कि कुछ गंभीर गलती हो गई है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों की घबराई हुई आवाजें सुनाई देती हैं. कई लोग जोर-जोर से सुरक्षा रस्सी का जिक्र करते हुए चिल्ला रहे थे. इससे वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सभी स्तब्ध रह गए.
Incompetent company, leads to Maria Eduarda Rodrigues de Freitas being hurled off a 131ft cliff, without the workers bothering to attach the bungee strap.
— 7.283 (@SpatialPhysics) June 13, 2026
Sadly, Maria died just today (June 13, 2026) at Ponte do Esqueleto in Limeira, São Paulo state, Brazi. Never place full trust… pic.twitter.com/6CFPvslCkS
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बंजी जंप के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मुख्य सुरक्षा रस्सी मारिया के शरीर से जुड़ी नहीं थी. इसी वजह से वह लगभग 130 फीट से अधिक गहराई में गिर गईं. हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया. बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बाद में उनके शव को मेडिकल जांच के लिए कानूनी चिकित्सा संस्थान भेजा गया, जहां औपचारिक परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई.
इस घटना के बाद मारिया की एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. बताया गया कि हादसे से कुछ समय पहले उन्होंने जंप स्थल की तस्वीरें साझा की थीं. एक तस्वीर में पुल और उनके जंप बैंड दिखाई दे रहे थे. तस्वीर के साथ उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा था कि आखिर कौन उन्हें पुल से कूदने की अनुमति देने वाला था. उस समय यह एक सामान्य टिप्पणी थी, लेकिन हादसे के बाद वही पोस्ट लोगों को भावुक कर रही है. सोशल मीडिया पर हजारों लोग उनके परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं.
स्थानीय पुलिस ने घटना के बाद छह लोगों को हिरासत में लिया है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सुरक्षा प्रक्रिया में चूक कैसे हुई और जिम्मेदारी किसकी थी. अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की भूमिका, सुरक्षा नियमों के पालन और आयोजन की पूरी व्यवस्था की जांच की जाएगी. वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में जवाबदेही तय करने की बात कही है.