Iran-Israel War: ईरान ने इजरायल पर 180 बैलिस्टिक मिसाइल दागीं है. इजरायल डिफेंस फोर्स के मुताबिक हमला मोसाद हेडक्वार्टर, नेवातिम एयरबेस और तेल नोफ एयरबेस को निशाना बनाकर किया गया था. ईरान की ज्यादातर मिसाइलों को इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया. IDF के अनुसार हमले में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है.
वहीं इस हमले के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि हमने इजरायल की आक्रामकता का जवाब दिया है. यह ईरान के हितों और नागरिकों की रक्षा के लिए जरूरी था. अगर इजरायल ने पलटवार किया, तो तगड़ा जवाब देंगे. इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. IDF ने कहा है कि हम ईरान को बख्शने वाले नहीं है.
अब इस हमले से मिडिल ईस्ट में काफी तनाव पैदा हो गया है. जिसको देखते हुए सबसे पहले कई एयरलाइंस कंपनी ने इजरायल और लेबनान के लिए अपनी निलंबन को बढ़ा दिया है. यह सब ईरान का इजरायल पर हमले के बाद हुआ है. बता दें कि इसमें लुफ्थांसा, केएलएम, एमिरेट्स और स्विस सहित शीर्ष एयरलाइनों ने इजरायल, ईरान और लेबनान के लिए अपनी उड़ानें निलंबित तारिख को बढ़ाने की घोषणा की है.
ईरान के हमले पर इजरायल द्वारा दी गई जवाबी हमले की धमकी दिए जाने पर एयरलाइंस कंपनी की चिंता बढ़ गई है. जिसे देखते हुए डच एयरलाइन केएलएम ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी है. कंपनी ने कहा है कि क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए साल के अंत तक तेल अवीव के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं. बता दें कि अगस्त में भी केएलएम ने इजराइल के लिए सभी उड़ानें 26 अक्टूबर तक निलंबित करने की घोषणा की थी.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने कहा कि वह 30 नवंबर तक बेरूत, 31 अक्टूबर तक तेल अवीव और 14 अक्टूबर तक तेहरान के लिए उड़ानें निलंबित कर रही है. यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद जताते हुए एयरलाइन ने कहा कि वह 2 अक्टूबर तक ईरानी, इराकी और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र और 31 अक्टूबर तक इजराइल के हवाई क्षेत्र से परहेज करेगी.