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शेयर बाजार में गिरावट निवेशकों के लिए कमाई का सुनहरा मौका, सेबी ने बताया लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को कैसे होगा फायदा?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट ने भारतीय बाजार को दीर्घकालिक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बना दिया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
शेयर बाजार में गिरावट निवेशकों के लिए कमाई का सुनहरा मौका, सेबी ने बताया लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को कैसे होगा फायदा?
Courtesy: pinterest

सेबी के अधिकारी कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा है कि हालिया बाजार सुधार के बाद भारतीय इक्विटी बाजार में वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गए हैं. उन्होंने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए यह निवेश का सुनहरा मौका बताया. रूसी निवेशकों सहित वैश्विक फंड अब भारत में प्रवेश के लिए बेहतर स्थिति में हैं.

'भारतीय बाजार में निवेश का गोल्डन चांस'

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के वरिष्ठ अधिकारी कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा है कि हालिया बाजार सुधार ने विदेशी निवेशकों के लिए एक मजबूत निवेश अवसर पैदा किया है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में आयोजित रूस-इंडिया फोरम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण आई गिरावट ने भारतीय इक्विटी में प्रवेश मूल्य (एंट्री वैल्यूएशन) को काफी सुधार दिया है. उनके अनुसार, यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.

बेंचमार्क सूचकांकों में आई भारी गिरावट

पिछले एक महीने में बेंचमार्क सूचकांकों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिससे अल्पकालिक निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है. हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट ने भारतीय बाजार को दीर्घकालिक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बना दिया है. विशेष रूप से उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट्स) में तेजी की तलाश कर रहे विदेशी फंडों के लिए यह एक सुनहरा मौका है. वार्ष्णेय ने कहा कि नियामक विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बना रहा है.

रूसी निवेशकों के लिए भारत में बढ़े अवसर

फिलहाल 23 रूसी संस्थाएं, जिनमें बैंक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं, भारत में एफपीआई के रूप में पंजीकृत हैं. सेबी अधिकारी ने कहा कि रूसी कंपनियां भारत में सहायक कंपनियां स्थापित कर सकती हैं और आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से पूंजी जुटा सकती हैं. कई मामलों में, भारत में सूचीबद्ध सहायक कंपनियों का मूल्यांकन उनकी विदेशी मूल कंपनियों से भी अधिक रहा है, जो भारत को वैश्विक फंड जुटाने का एक मजबूत केंद्र बनाता है.

टेक्नोलॉजी और जीआईएफटी सिटी पर जोर

सेबी बाजार सहभागियों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी-आधारित निवेश समाधान पेश कर रहा है, जिससे लागत कम होगी और भारतीय पूंजी बाजारों तक पहुंच आसान होगी. इसी कार्यक्रम में एनएसई के सीबीडीओ श्रीराम कृष्णन ने सुझाव दिया कि रूसी कंपनियां जीआईएफटी सिटी में लिस्टिंग के विकल्प तलाश सकती हैं, जबकि रूसी बैंक वहां अपना परिचालन शुरू करने पर विचार कर सकते हैं.