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युद्ध के बीच रूस पर बड़ा संकट, कुछ दिनों में लग सकता है आपातकाल; यूक्रेन नहीं कुछ और है कारण

Russia May Declare Emergency: यूक्रेन से युद्ध के बीच रसिया में एक बड़ा संकट गहराने लगा है. मौसम की मार के कारण देश में फसलें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं. इस कारण वहां के कृषि मंत्री ने अगले कुछ दिनों में आपातकाल लगाने की ओर संकेत दिए हैं.

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युद्ध के बीच रूस पर बड़ा संकट, कुछ दिनों में लग सकता है आपातकाल; यूक्रेन नहीं कुछ और है कारण
Courtesy: ANI

Russia May Declare Emergency: फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है. इसमें रसिया पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा. काफी हद तक वो अपने आपको वार के बीच में भी खुद को मेंटेन रखा है. लेकिन, अब देश को एक नए संकट का सामना करना पड़ रहा है. ये संकट इतना गहराता जा रहा है कि देश में आपातकाल लगाने की नौबत आ गए हैं. रूस के कृषि मंत्री ने अगले एक हफ्ते में देश के भीतर आपातकाल लगाने के संबंध में संकेत दिए हैं.

युद्ध के बीच रूस को खराब मौसम का सामना करना पड़ रहा है. इससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. अभी भी रूस के कई इलाकों में स्थानीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई है. क्योंकि पाले से अनाज की फसलें प्रभावित हुए हैं.

मंत्री ने कही आपातकाल की बात

समाचार एजेंसी आरआईए के अनुसार, देश के कृषि मंत्री ओक्साना लुट ने सोमवार को कहा कि रूस इस सप्ताह के अंत तक देशव्यापी आपातकाल की घोषणा कर सकता है. लुट के हवाले से कहा कि मंत्रालय की आपातकालीन समिति की बैठक के बाद इसकी घोषणा की जाएगी. इस आपातकाल के घोषित होने से किसानों को थोड़ी राहत दी जा सकेगी.

घट गया उत्पादन, नष्ट हुई फसलें

जानकारी के अनुसार, इस वर्ष रूस की गेहूं की फसल घटकर 82.1 मिलियन मीट्रिक टन रह जाएगी. ये पिछले अनुमान 85.7 मिलियन टन से कम है. क्षति की मात्रा का अभी तक नकद आकलन नहीं किया गया है. रूस के अनाज संघ की मानें तो लगभग 1.5 मिलियन हेक्टेयर फसलें नष्ट हो गयी हैं.

नए बाजार तलाशेगा रूस

रिपोर्ट के अनुसार, रूस अपने अनाज की पूर्ति के लिए अन्य बाजार तलाशेगा. क्योंकि यूरोपीय संघ ने 1 जुलाई से रूस और बेलारूस से अनाज, तिलहन और इससे बने उत्पादों पर प्रोहैबिटिव शुल्क लगाने की बात कही है.